तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता अभी खत्म होती नहीं दिख रही है। टीवीके प्रमुख Vijay ने गुरुवार को एक बार फिर राजभवन पहुंचकर राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar से मुलाकात की। हालांकि, राजभवन की ओर से अब तक सरकार गठन को लेकर कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल का रुख साफ है कि केवल सबसे बड़ी पार्टी होने के आधार पर सरकार बनाने का निमंत्रण नहीं दिया जाएगा। राजभवन चाहता है कि टीवीके पहले विधानसभा में स्पष्ट बहुमत का समर्थन पेश करे, ताकि राज्य में स्थिर सरकार सुनिश्चित की जा सके।
टीवीके सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दूर
23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई थी। लेकिन पार्टी प्रमुख विजय के दो सीटों से चुनाव जीतने के कारण एक सीट छोड़ने की स्थिति में पार्टी की प्रभावी संख्या 107 मानी जा रही है।
सरकार बनाने की कोशिशों के बीच कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन से अलग होकर टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 112 तक पहुंच गया है। इसके बावजूद पार्टी अभी भी बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से छह विधायक पीछे है।
राज्यपाल ने मांगा स्पष्ट समर्थन
बताया जा रहा है कि बुधवार को विजय ने कांग्रेस के समर्थन पत्र के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसके बाद गुरुवार को हुई दूसरी मुलाकात में भी समर्थन जुटाने और सरकार गठन के संभावित रास्तों पर चर्चा हुई।
हालांकि सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल ने साफ कर दिया है कि केवल समर्थन पत्र या मौखिक दावे पर्याप्त नहीं माने जाएंगे। राजभवन चाहता है कि टीवीके ठोस संख्या बल दिखाए, जिससे यह भरोसा हो सके कि सरकार विधानसभा में बहुमत साबित कर पाएगी।
टीवीके का दावा- जल्द बनेगी स्थिति साफ
इस बीच टीवीके नेता VS Babu ने संकेत दिए हैं कि सरकार गठन की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ सकती है। हालांकि उन्होंने केंद्र सरकार के दबाव से जुड़े सवालों पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
तमिलनाडु में अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीवीके आने वाले दिनों में बाकी जरूरी समर्थन जुटा पाएगी या फिर राज्य की राजनीति किसी नए मोड़ की ओर बढ़ेगी।






