उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान एक दिलचस्प मामला सामने आया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी सत्यापन के लिए नोटिस मिला। उन्होंने बताया कि उनके नाम के विवरण में त्रुटि थी, जिसे आवश्यक दस्तावेज जमा कर ठीक करा दिया गया है। इसी के साथ राज्य में चल रहे सत्यापन अभियान के आंकड़े भी साझा किए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक बनाने के लिए पूरे राज्य में विशेष सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत उनके रिकॉर्ड में भी एक विसंगति सामने आई, जिसके कारण उन्हें नोटिस जारी हुआ। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी जरूरी दस्तावेज संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करा दिए हैं।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, अभियान के तहत अब तक लगभग 24 लाख नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन नोटिसों के माध्यम से मतदाताओं के नाम, पते, आयु और अन्य विवरणों का मिलान किया जा रहा है। अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य भी कर रहे हैं ताकि मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
विभाग का कहना है कि नोटिस मिलने का अर्थ किसी मतदाता का नाम हटना नहीं है। यह केवल रिकॉर्ड की पुष्टि और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा है। जिन लोगों को नोटिस मिले हैं, वे निर्धारित समय के भीतर जरूरी दस्तावेज जमा कर अपने विवरण को अपडेट करा सकते हैं।
निर्वाचन विभाग का दावा है कि अभियान का उद्देश्य हर पात्र नागरिक का नाम सही जानकारी के साथ मतदाता सूची में सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें और समय पर अपने दस्तावेज उपलब्ध कराएं।





