सहारनपुर।
महर्षि कश्यप की जयंती रविवार को शान्ति नगर में धूमधाम से मनाई गई। शोभा यात्रा शांति नगर शिव मंदिर से शुरू हुई । इसमें महर्षि कश्यप व श्री राम सीता की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। प्रोफेसर संदीप कश्यप, पंकज कश्यप व प्रदीप कश्यप समेत समाज से लोगों ने झांकियों का पूजन कर शोभायात्रा को रवाना किया।
रविवार को शान्ति नगर में शोभायात्रा से पहले सभी ने हवन में आहुतियां डाल समाज के कल्याण की कामना की।पंडित मोहन चंद जोशी ने पूजन कराया। भंडारे के बाद शोभायात्रा शूरू हुई। महर्षि कश्यप व देवी देवताओं की झाकियों के साथ शोभायात्रा शांति नगर से होते हुए नुमाइश कैंप, पुरानी चुंगी, घंटाघर और अंबाला रोड से होते हुए श्री बाबा कालु मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई । रास्ते में शोभायात्रा नन्दीफीरोजपुर से शामिल कलाकारी ने करतब दिखाए। शोभायात्रा पर दुकानदारों ने जगह जगह स्वागत कर फुल बरसाए।
प्रोफेसर संदीप कश्यप ने कहा कि भगवान महर्षि कश्यप जी की शिक्षाएं आज भी हमें प्रकृति, समाज और समरसता के साथ संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती है , जो समाज के लिए आवश्यक है।
पंकज कश्यप ने भगवान महर्षि कश्यप द्वारा बताए गए सत्मार्ग पर चलने व उनकी नीतियों का अपने जीवन में अनुसरण करने को कहा। उन्होंने कहा कि महर्षि कश्यप का सबसे पुराना इतिहास रहा है, कश्मीर राज्य को बसने वाले महर्षि कश्यप हैं।
अंकित कश्यप महावीर कश्यप, डॉ. मांगेराम कश्यप,अमीन जयपाल कश्यप,सतीश कश्यप, सत्यपाल कश्यप ,धन प्रकाश कश्यप,सुभम कश्यप,ऋषिपाल कश्यप( रेलवे),सुमित कश्यप, विनोद ठेकेदार, राजेंद्र कश्यप,अमित कश्यप आदि रहे।
रिपोर्ट Naim.sagar






