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बरेली जंक्शन पर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा से अभद्र व्यवहार का आरोप, डीआरएम से की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

बरेली। बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने बरेली जंक्शन पर रेलवे के एक अधिकारी द्वारा अपने और अपने परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर विधायक ने मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम), मुरादाबाद को लिखित शिकायत भेजते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा के अनुसार, 23 जुलाई को वह बरेली जंक्शन पर नवनिर्मित फूड रेस्टोरेंट के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य आमंत्रित लोगों की भी मौजूदगी थी। विधायक का आरोप है कि इसी दौरान रेलवे के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक (सीएमआई) इमरान ने उनके और उनके परिवार के साथ अत्यंत अभद्र एवं अशोभनीय व्यवहार किया।

डॉ. शर्मा का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि के साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल व्यक्तिगत रूप से अपमानजनक है, बल्कि इससे रेलवे प्रशासन की छवि और गरिमा भी प्रभावित होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान हुई घटना से उन्हें और उनके परिवार को मानसिक आघात पहुंचा तथा उपस्थित लोगों के बीच भी असहज स्थिति उत्पन्न हो गई।

विधायक ने अपने शिकायती पत्र में डीआरएम मुरादाबाद से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ रेलवे सेवा नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने सीएमआई इमरान को उनके पद से हटाने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में किसी जनप्रतिनिधि या आम नागरिक के साथ इस प्रकार की घटना दोबारा न हो।

डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकारी अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक एवं मर्यादित व्यवहार करें। यदि किसी अधिकारी का आचरण सेवा नियमों के विपरीत पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होना आवश्यक है।

विधायक द्वारा की गई शिकायत के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि शिकायत मिलने के बाद जांच के लिए किसी समिति का गठन किया गया है या नहीं।

अब सभी की नजर रेलवे प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि शिकायत पर जांच बैठती है तो जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि आरोप कितने सही हैं और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी।

विधायक का पक्ष:
डॉ. राघवेंद्र शर्मा का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत डीआरएम मुरादाबाद को भेज दी है और उन्हें उम्मीद है कि रेलवे प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।

रेलवे प्रशासन का पक्ष:
समाचार लिखे जाने तक रेलवे प्रशासन की ओर से शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में जांच और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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