उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के बीच संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क का बयान सामने आया है। बर्क ने कांवड़ यात्रा के लिए सड़कों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा है कि अगर कांवड़ियों के लिए सड़कें इस्तेमाल की जा सकती हैं, तो नमाज के लिए क्यों नहीं?
सावन के महीने में कांवड़ यात्रा जारी है। इसी बीच संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने धार्मिक आयोजनों के लिए सार्वजनिक सड़कों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
बर्क का कहना है कि यदि कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों का इस्तेमाल किया जा सकता है, तो नमाज के लिए भी सरकार को अनुमति देने पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर सड़क पर नमाज की अनुमति नहीं दी जा सकती, तो प्रशासन को नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना चाहिए।
बर्क के इस बयान के बाद एक बार फिर सड़क पर धार्मिक आयोजनों और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।
अब सवाल यही है कि सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर नियम सभी समुदायों के लिए एक समान होने चाहिए या अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर प्रशासन को फैसला लेना चाहिए?






