रिपोर्टर पप्पू लाल पंचोली
फूलियाकलां उपखंड क्षेत्र के सांगरिया गांव में श्मशान भूमि पर विश्रामगृह निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। बुधवार को ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम फूलियाकलां उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य में कथित बाधा डालने की निष्पक्ष जांच कराने तथा ग्रामीणों द्वारा शुरू किए गए निर्माण को नहीं रोकने की मांग की।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि सांगरिया की जमाबंदी संवत 2076-79 में खाता संख्या 01 (पुराना 1162) में आराजी संख्या 2237 से 2248 तक कुल 12 किता, 0.61 हेक्टेयर भूमि गैर मुमकिन श्मशान के रूप में दर्ज है। ग्रामीणों के अनुसार इसी भूमि पर वर्षों से अंतिम संस्कार किए जाते हैं। श्मशान में चबूतरे पर ग्रामीणों के सहयोग से टीन शेड लगाया गया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में इसकी चद्दरें खराब हो चुकी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश, गर्मी और सर्दी के दौरान अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों के बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं होने से परेशानी होती है। वर्ष 2024 में ग्रामीणों ने सहमति से विश्रामगृह का निर्माण शुरू किया था, लेकिन निर्माण आगे नहीं बढ़ सका। अब ग्रामीणों ने अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए 14 अगस्त से फिर कार्य शुरू किया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि निर्माण रोकने के लिए ग्राम पंचायत की ओर से नोटिस दिया गया तथा पुलिस में शिकायत भी की गई। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन पर राजनीतिक प्रभाव में आकर निर्माण रुकवाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण में अनावश्यक बाधा डाली गई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वहीं ग्राम पंचायत प्रशासक संपति देवी ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि श्मशान भूमि पर पंचायत की स्वीकृति के बिना निर्माण शुरू किया गया है। उनके अनुसार जिस स्थान पर निर्माण किया जा रहा है, उसे ग्राम पंचायत ने विश्रामगृह के लिए जियो-टैग कर रखा है तथा करीब 9 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हो चुकी है। बारिश के कारण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका। भामाशाह को श्मशान भूमि में दूसरे स्थान पर निर्माण करने के लिए कहा गया था, लेकिन पूर्व प्रस्तावित स्थल पर ही निर्माण शुरू कर दिया गया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सुनील कुमार शर्मा, लालाराम गुर्जर, रामधन रैगर, सुरेशचंद्र खटीक, पंकज कुमावत, रामदयाल रैगर, रघुनंदन मठाधीश, महावीर कुमावत सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
सांगरिया में श्मशान भूमि पर निर्माण को लेकर आमने-सामने ग्रामीण और ग्राम पंचायत





