भोजीपुरा का राहुल भी गिरफ्तार, पीलीभीत पुलिस की जांच में सामने आया कई राज्यों में फैला नेटवर्क
बरेली/पीलीभीत। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ के तहत पीलीभीत पुलिस ने बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई का बरेली कनेक्शन भी सामने आया है। गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में एक आरोपी राहुल बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन की जानकारी सामने आई है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर इन खातों से जुड़ी करीब 200 शिकायतें मिलने की बात भी कही गई है।
बरेली के भोजीपुरा का राहुल गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में मोहसिन पुत्र मोहम्मद अमजद, निवासी कस्बा व थाना जहानाबाद, पीलीभीत और राहुल पुत्र मेघनाथ, निवासी हरवंशपुर लक्ष्मनियापुर, थाना भोजीपुरा, बरेली को गिरफ्तार किया है।
राहुल की गिरफ्तारी के बाद इस बड़े साइबर नेटवर्क के तार बरेली से भी जुड़ गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरेली में आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और कथित नेटवर्क में उसकी क्या भूमिका थी। बैंक खातों और डिजिटल उपकरणों की जांच से नेटवर्क के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकारी योजनाओं का लालच देकर खुलवाए जाते थे खाते
पुलिस जांच के मुताबिक मामला जहानाबाद क्षेत्र निवासी दानिश अंसारी की शिकायत के बाद सामने आया। आरोप है कि लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और रुपये देने का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इसके बाद खातों से जुड़े एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज कथित तौर पर नेटवर्क से जुड़े लोग अपने पास रख लेते थे।
जांच में पुलिस को संदेह है कि इन बैंक खातों का इस्तेमाल कथित ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए प्राप्त ठगी की रकम को इधर से उधर ट्रांसफर करने में किया गया।
200 शिकायतें, कई राज्यों तक पहुंची जांच
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जांच के दौरान संबंधित खातों से जुड़ी करीब 200 साइबर शिकायतें सामने आने की जानकारी है। उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों से मामलों के लिंक मिलने की बात कही गई है।
पुलिस बैंक खातों में हुए लेनदेन और अलग-अलग राज्यों में दर्ज शिकायतों का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित ठगी की वास्तविक रकम और पीड़ितों की सही संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
लैपटॉप-मोबाइल समेत बैंकिंग दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, कई मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, बैंक पासबुक और कथित फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है। इसके साथ ही करीब पांच लाख रुपये बैंक खातों में होल्ड कराए जाने की जानकारी है।
बरामद मोबाइल और लैपटॉप की डिजिटल जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस इनके जरिए बैंक खातों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
नताशा गोयल की निगरानी, जयशंकर सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई
पूरे मामले की कार्रवाई सीओ सदर नताशा गोयल की निगरानी में की गई। थाना प्रभारी जहानाबाद जयशंकर सिंह के नेतृत्व में जहानाबाद पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
बरेली कनेक्शन की परतें खुलना बाकी
इस मामले में बरेली निवासी राहुल की गिरफ्तारी के कारण स्थानीय स्तर पर भी नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस के सामने अब बड़ा सवाल यह है कि आरोपी का बरेली में नेटवर्क कितना फैला था और क्या यहां से भी बैंक खाते या अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए थे। फिलहाल इन बिंदुओं पर जांच जारी है और बिना जांच पूरी हुए किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तय नहीं की गई है।
‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ के तहत पुलिस संदिग्ध बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। आने वाली जांच में इस कथित 100 करोड़ से अधिक के साइबर फ्रॉड नेटवर्क के बरेली कनेक्शन को लेकर और जानकारियां सामने आ सकती हैं।






