बरेली। समाजवादी पार्टी ने शुभलेश यादव को दूसरी बार बरेली जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। जिलाध्यक्ष बनने के बाद पार्टी मुख्यालय से बरेली की सभी विधानसभाओं से उम्मीदवारों के नामों की लिस्ट मांगी गई थी लेकिन जिन नामों की लिस्ट यहां से पार्टी कार्यालय भेजी गई वो एकबार फिर ये सवाल उठा रही है क्या इसबार भी समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि जिलाध्यक्ष की ओर से पार्टी नेतृत्व को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से कई नाम भेजे गए हैं। इनमें मीरगंज से भद्रसेन गंगवार और वीरेंद्र सिंह, फरीदपुर से कल्पना सागर और पूनम सेन, नवाबगंज से पुरुषोत्तम गंगवार और रमेश गंगवार, बिथरी से कीर्ति कश्यप और पीयूष वर्मा, बरेली कैंट से अनीश बेग और अनीश अहमद तथा आंवला से अगम मौर्य, जीराज यादव और बीडी वर्मा के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
इनमें कुछ नामों को लेकर स्थानीय स्तर पर पुराने विवादों या आरोपों की चर्चा होने का भी दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है
वहीं, नाम भेजने के बदले कथित रूप से बड़ी रकम लिए जाने की चर्चाएं भी सामने आने का दावा किया जा रहा है।
हाल ही में पन्ना लाल साहू को जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके खिलाफ वर्ष 2019 में हत्या से संबंधित आरोप/मुकदमा होने की बात कही जा रही है। इसी तरह अरविंदर सिंह वेदी को जिला सचिव बनाए जाने पर भी चर्चा है क्योंकि कुछ समय पहले अरविंदर सिंग बेदी द्वारा समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को अलविदा कहा गया था
इन घटनाक्रमों के बाद पार्टी के अंदर संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या सपा नेतृत्व बरेली में संगठन के स्तर पर पुराने अनुभवों से सबक लेते हुए नियुक्तियों की समीक्षा करेगा?






