सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए केंद्र सरकार ने नया सख्त निर्देश जारी किया है। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अब गैरजरूरी खर्चों पर रोक लगाई जाएगी। मीटिंग्स, यात्राओं और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई हैं। आखिर क्या है पूरा मामला और बैंकों को अब क्या करने से बचने को कहा गया है
केंद्र सरकार ने सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों को खर्चों में कटौती करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि संस्थान अपने रोजमर्रा के संचालन में लागत कम करने पर फोकस करें।
नई गाइडलाइन के मुताबिक अब अधिकारियों को छोटी-छोटी बैठकों के लिए यात्रा करने से बचने को कहा गया है। ज्यादा से ज्यादा मीटिंग्स ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर जोर दिया गया है, ताकि समय और पैसे दोनों की बचत हो सके।
इसके साथ ही विदेश दौरों को लेकर भी सख्ती दिखाई गई है। केवल बेहद जरूरी परिस्थितियों में ही विदेशी यात्राओं की अनुमति देने की बात कही गई है। सरकार चाहती है कि संस्थान अनावश्यक खर्चों को तुरंत कम करें।
सरकार ने यह भी सुझाव दिया है कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी जाए। माना जा रहा है कि इससे ईंधन खर्च घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मदद मिलेगी।
हालांकि, सरकार की तरफ से यह साफ किया गया है कि इन निर्देशों का किसी संभावित लॉकडाउन से कोई संबंध नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रही कई तरह की अटकलों को अधिकारियों ने भ्रामक बताया है।






