राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने Gen Z के साथ एक संवाद कार्यक्रम में कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। सरकार की भूमिका, शिक्षा पर खर्च, कश्मीर में पैलेट गन के इस्तेमाल और समाज की जिम्मेदारी जैसे विषयों पर उनके बयान चर्चा में हैं। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा।
Gen Z के साथ बातचीत के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि हर समस्या का समाधान केवल सरकार से अपेक्षित नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, एक मजबूत समाज ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव होता है और नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।
शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP का लगभग 6 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य की पीढ़ियों को बेहतर अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
कश्मीर का जिक्र करते हुए उन्होंने पैलेट गन के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि ऐसी परिस्थितियां पैदा ही नहीं होनी चाहिए, जहां इस तरह के उपायों की जरूरत पड़े। उन्होंने समस्या के स्थायी और मानवीय समाधान पर जोर दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि समाज, परिवार और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका केवल रोजगार तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि अच्छे नागरिक तैयार करना भी उनकी जिम्मेदारी है।
मोहन भागवत के इन बयानों पर अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अलग-अलग दल और विशेषज्ञ उनके विचारों को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं।
फिलहाल, Gen Z के साथ संवाद में दिए गए इन बयानों ने शिक्षा, शासन और सामाजिक जिम्मेदारी पर एक नई बहस जरूर शुरू कर दी है।





