झांसी में बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच सर्राफा कारोबारियों ने एक सख्त कदम उठाया है। अब शहर के कुछ ज्वेलरी बाजारों में चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों को गहने न दिखाए जाएंगे और न ही बेचे जाएंगे। यह नियम महिलाओं और पुरुषों—दोनों पर लागू होगा।
सीपरी बाजार के सर्राफा व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बाहर साफ निर्देश वाले पोस्टर लगाए हैं। इनमें ग्राहकों से अपील की गई है कि वे दुकान के अंदर चेहरा खुला रखकर ही खरीदारी करें। बुर्का, घूंघट या नकाब पहनकर गहने देखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चोरी रोकने के लिए लिया गया फैसला
व्यापारियों का कहना है कि सोने-चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद ज्वेलरी दुकानों में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। कई मामलों में महिलाएं और पुरुष चेहरा ढककर दुकान में आते हैं और मौका पाकर गहने चोरी कर लेते हैं।
CCTV भी नहीं आ पाता काम
कारोबारियों के मुताबिक, चोरी की घटनाएं अक्सर CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो जाती हैं, लेकिन नकाब या घूंघट की वजह से आरोपियों की पहचान नहीं हो पाती। बाद में यदि पुलिस किसी संदिग्ध को पकड़ भी लेती है, तो चेहरा साफ न दिखने के कारण दुकानदार पहचान करने में असमर्थ रहते हैं।
व्यापार मंडल की दलील
सीपरी बाजार सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष उदय सोनी का कहना है कि यह फैसला किसी समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि व्यापार और सुरक्षा के हित में लिया गया है। उनका कहना है कि बढ़ती चोरी से दुकानदारों को भारी नुकसान हो रहा है, ऐसे में यह कदम जरूरी हो गया था।
ग्राहकों से सहयोग की अपील
सर्राफा व्यापारियों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था को समझें और खरीदारी के दौरान चेहरा खुला रखें, ताकि चोरी जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और व्यापार सुरक्षित माहौल में चल
झांसी में ज्वेलरी दुकानों का सख्त फैसला: बुर्का-घूंघट या नकाब में आने वालों को नहीं मिलेंगे गहने…






