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“झालावाड़ शहर को मिली नई जीएसएस की सौगात”: संचालन प्रारंभ

झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट

झालावाड़, 26 मई। झालावाड़ शहर में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से जयपुर डिस्कॉम के द्वारा दो नए 33/11 केवी ग्रिड सब स्टेशनों (जीएसएस) के निर्माण, स्थानांतरण एवं क्षमता विस्तार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर संचालन प्रारम्भ किया गया है।

इसी क्रम में झालावाड़ सिटी के मध्य स्थित हल्दीघाटी क्षेत्र में नवीन 33/11 केवी जीएसएस बनाकर 5 MVA क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्म रखा गया है जिससे कुल चार 11 केवी फीडर निकल गए हैं इस जीएसएस के बनने से मेडिकल कॉलेज, एसआरजी चिकित्सालय, हल्दीघाटी, खासराड़ी, पीजी कॉलेज एवं इन्द्रा कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। क्षेत्र में वोल्टेज रेगुलेशन को निर्धारित ±5 प्रतिशत सीमा के भीतर बनाए रखने, लाइन लॉस में कमी लाने से सालाना विद्युत खपत में 3.25 लाख यूनिट की बचत होगी तथा उपभोक्ताओं को बेहतर एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में यह जीएसएस महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इसके अतिरिक्त नवीन 33/11 केवी जीएसएस ज्योतिनगर का निर्माण एवं संचालन भी प्रारम्भ किया गया है। यह जीएसएस पूर्व में 220 केवी जीएसएस ज्योतिनगर परिसर में स्थापित 5 एमवीए क्षमता के जीएसएस को स्थानांतरित कर विकसित किया गया है। वर्तमान में इस जीएसएस पर 1×5 एमवीए एवं 1×3.15 एमवीए क्षमता के कुल दो पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं।

नवीन जीएसएस ज्योतिनगर से कुल 5 संख्या 11 केवी फीडर निकाले गए हैं, जिनके माध्यम से शहर के प्रमुख क्षेत्र —मिनी सचिवालय, मेडिकल कॉलेज, सिविल लाइन्स, रेलवे स्टेशन रोड, हाउसिंग बोर्ड, मंगलपुरा, मामा-भांजा एवं आनंद विहार क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इससे संबंधित क्षेत्रों में बेहतर वोल्टेज, कम ट्रिपिंग ,विद्युत खपत में 1.12 लाख यूनिट की बचत एवं अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

साथ ही झालावाड़ शहर के 33/11 केवी जीएसएस खंडिया पावर हाउस, मेडिकल कॉलेज एवं ज्योतिनगर को आपस में जोड़कर रिंग सप्लाई सिस्टम विकसित किया गया है। इस व्यवस्था से किसी एक जीएसएस अथवा फीडर में तकनीकी खराबी या रखरखाव कार्य के दौरान वैकल्पिक स्रोत से विद्युत आपूर्ति जारी रखी जा सकेगी। इससे विद्युत आपूर्ति की निरंतरता एवं विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

रिंग सप्लाई सिस्टम के माध्यम से विद्युत भार का बेहतर संतुलन संभव हो सकेगा, लाइन लॉस एवं ओवरलोडिंग की समस्या में कमी आएगी तथा ट्रिपिंग की संख्या में भी कमी होगी। इससे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, स्थिर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्राप्त होगी तथा उपभोक्ता संतुष्टि में वृद्धि होगी।
जयपुर डिस्कॉम के अधिकारी ने बताया कि इन परियोजनाओं से झालावाड़ शहर के विद्युत वितरण तंत्र को मजबूती मिलेगी तथा भविष्य में बढ़ती विद्युत मांग का प्रभावी प्रबंधन किया जा सकेगा। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में बढ़ते विद्युत भार के दौरान भी उपभोक्ताओं को बेहतर एवं विश्वसनीय विद्युत सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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