फर्जी ई-वे बिल और दस्तावेज़ों के ज़रिए ₹1,300 करोड़ का टैक्स लाभ उठाया जाने का मामला; जांच अभी जारी
मुजफ्फरनगर…
एसएसपी संजय कुमार वर्मा और GST विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मुजफ्फरनगर में चल रहे एक बड़े GST घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो आरोपितों — मोहम्मद नदीम सैफी (लिसाड़ी गेट, मेरठ) और मोहम्मद समीर (सरवट, मुजफ्फरनगर) — को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के मुख्य सरगना शादाब (अक्षा रिसाइक्लिंग एंड वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड) अभी भी फरार है।
रैकेट ने फर्जी ई-वे बिल, ट्रांसपोर्ट बिल्टी, धर्मकांटा पर्ची, मोहरें, और अन्य दस्तावेज तैयार कर GST में 18% के हिसाब से ₹234 करोड़ तक का क्लेम किया गया था, जिससे कुल लेन-देन लगभग ₹1,300 करोड़ पहुंच गया।
पुलिस ने छापेमारी में लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल, 103 फर्जी मोहरें और 120 फाइलें beslag कर ली हैं। GST विभाग ने इसमें से 116 फाइलें अपने कब्जे में ले ली हैं, जबकि अन्य चार पुलिस रख रही है।
जांच में यह भी जानकारी मिली है कि इस गिरोह ने फर्जी फर्मों का इस्तेमाल कर कागज़ों में ही सामग्री खरीदी और भेजने का दिखावा किया, वास्तव में कोई माल ट्रांसपोर्ट नहीं किया गया। GST अधिकारी सिद्धेश चंद्र दीक्षित (जॉइंट कमिश्नर, SIB) ने कहा कि मामला काफी गंभीर है और विभाग को एक महीने की समय सीमा मिली है पूरी जांच के लिए।
इस कार्रवाई की सफलता पर थाना पुलिस को पुरस्कार राशि ₹25,000 की भी घोषणा की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है और संभावित और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।






