शुक्रवार को हरिद्वार की पवित्र गंगा में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा टल गया। स्नान करते समय चार कांवड़ यात्री अचानक गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में बहने लगे। लेकिन मौके पर मौजूद एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और सभी यात्रियों की जान बचा ली। अगर कुछ पल की भी देरी हो जाती, तो अनहोनी हो सकती थी।ये घटनाएं कांगड़ा घाट और प्रेमनगर घाट पर हुईं। कांगड़ा घाट पर तीन और प्रेमनगर घाट पर एक कांवड़ यात्री पानी के तेज बहाव में फंस गए थे। गनीमत रही कि रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आई और समय रहते उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कांगड़ा घाट पर रोहतक (हरियाणा) के 17 वर्षीय रोहित, कर्णप्रयाग (उत्तराखंड) के 40 वर्षीय संतोष और पटियाला (पंजाब) के 15 वर्षीय रोहन को डूबने से बचाया गया। वहीं, प्रेमनगर घाट पर बरेली (उत्तर प्रदेश) के 20 वर्षीय संजय भी पानी में बहने लगे थे, जिन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया गया।इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक बार फिर दिखा दिया कि आपात स्थिति में एसडीआरएफ किस तरह देवदूत की भूमिका निभाती है। चार परिवारों की खुशियां और जिंदगियां महज कुछ मिनटों की तेजी और साहस से बच गईं।






