12 जून को हुए अहमदाबाद प्लेन क्रेश को लेकर शुरआती जाँच की रिपोर्ट जारी करदी है। रेडियो रिकॉर्डिंग में टेकऑफ़ के कुछ सेकंड बाद एक पायलट दूसरे से पूछता है, “तुमने फ्यूल कटऑफ़ क्यों किया?” दूसरे पायलट का जवाब था, “मैंने नहीं किया।
टेकऑफ़ के लगभग तीन सेकंड बाद, दोनों इंजनों की फ्यूल कटऑफ़ स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ में स्विच हो गईं, जिससे दोनों इंजनों को ईंधन नहीं मिला और वे बंद हो गए। यह स्विच एक-दूसरे से लगभग एक सेकंड के अंतर से ट्रांज़िशन हुए थे
स्विच कुछ समय बाद पुनः ‘RUN’ स्थिति में लाए गए, जिसके कारण इंजन पुनः चालू होने की कोशिश करने लगे, लेकिन इंजन‑2 ठीक से नहीं चला ।
रिपोर्ट में क्या है बड़ा खुलासा?
रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ़ के सिर्फ 3 सेकंड बाद विमान के दोनों इंजन अचानक ‘CUTOFF’ मोड में चले गए, जिससे फ्यूल सप्लाई तुरंत बंद हो गई। विमान के इंजन 1 और इंजन 2, दोनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ में शिफ्ट हो गए, और इसके बाद थ्रस्ट पूरी तरह से खत्म हो गई। महज 1 सेकंड में ईंधन आपूर्ति रुक गई, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए। हादसे के बाद विमान केवल 32 सेकंड तक हवा में रह पाया।
तकनीकी वजहें और सुरक्षा लापरवाही
एयर इंडिया के विमान में लगे ईंधन स्विच का डिजाइन ऐसा था कि उसे बिना इरादे के भी ‘CUTOFF’ पोजीशन में ले जाया जा सकता था। 2018 में FAA (फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन) ने इस तरह के स्विच में लॉकिंग मैकेनिज्म ना होने की चेतावनी दी थी, ताकि पायलट गलती से ईंधन कट न कर दें। लेकिन एयर इंडिया ने इस चेतावनी को अनदेखा किया था। इसका मतलब है कि सुरक्षा नियमों को समय रहते लागू नहीं किया गया।
यह तकनीकी खामी हादसे की वजह बन गई
AAIB की पूरी जांच रिपोर्ट आने में अभी कुछ महीने लग सकते हैं। ब्लैक बॉक्स की डीटेल जांच जारी है, जो हादसे के समय के और भी तकनीकी तथ्यों को सामने लाएगी। विमान निर्माण कंपनी बोइंग और एयर इंडिया दोनों को जवाबदेह ठहराया जा सकता है, पर अभी अंतिम रिपोर्ट में यह साफ होगा।






