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चित्रकूट – मऊ कस्बे में साप्ताहिक बंदी को लेकर व्यापारियों के दो गुट आमने-सामने, एसडीएम को सौंपे ज्ञापन

ब्यूरो संजय मिश्रा चित्रकूट
मऊ (चित्रकूट)। नगर पंचायत मऊ में प्रस्तावित साप्ताहिक बाजार बंदी को लेकर व्यापारियों के दो संगठन आमने-सामने आ गए हैं। शुक्रवार को दोनों पक्षों ने उप जिलाधिकारी राम ऋषि रमन को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर अपना-अपना पक्ष रखा।

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष सरजू केशरवानी के नेतृत्व में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग नया संगठन बनाकर व्यापारियों पर जबरन बाजार बंद रखने का दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि मोबाइल संदेश, मुनादी तथा जुर्माने की चेतावनी देकर व्यापारियों को भयभीत किया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित एवं गैरकानूनी है। संगठन ने प्रशासन से जबरन बंदी, जुर्माना और किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर रोक लगाने तथा प्रशासन के नाम के दुरुपयोग को बंद कराने की मांग की।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश की दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान संबंधी व्यवस्था में हुए संशोधन के बाद व्यापारी अपनी इच्छा से दुकान खोलने या बंद करने के लिए स्वतंत्र हैं। सरकार द्वारा घोषित अवकाशों को छोड़कर किसी भी प्रकार की साप्ताहिक बंदी अनिवार्य नहीं है। साथ ही नगर पंचायत को ऐसी बंदी घोषित करने का अधिकार नहीं है। व्यापारियों ने प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि प्रस्तावित साप्ताहिक बंदी किस नियम के तहत कराई जा रही है।

वहीं युवा व्यापारी एकता संगठन ने भी साप्ताहिक बंदी के समर्थन में उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन के अनुसार 28 जुलाई को व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें नगर के व्यापारियों को आमंत्रित किया गया था। बैठक में संगठन के कार्यकर्ता विपुल कुमार पांडे, श्यामू द्विवेदी और शारदा अग्रहरि सहित अन्य व्यापारियों ने भाग लिया। बैठक में मौजूद कई व्यापारियों ने प्रत्येक माह की 1 और 15 तारीख को स्वैच्छिक साप्ताहिक बाजार बंदी के प्रस्ताव पर सहमति जताई। शुक्रवार को संगठन के प्रतिनिधियों ने एसडीएम से मुलाकात कर अपने पक्ष में ज्ञापन सौंपते हुए इस व्यवस्था को लागू करने की मांग की।

इस संबंध में उप जिलाधिकारी राम ऋषि रमन ने कहा कि प्रशासन का किसी भी व्यापारी संगठन से कोई संबंध नहीं है। व्यापारी अपनी इच्छा से दुकान खोलने या बंद करने के लिए स्वतंत्र हैं तथा प्रशासन की ओर से किसी पर कोई दबाव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके नाम का उपयोग कर किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा है या अफवाह फैलाई जा रही है, तो वह पूरी तरह गलत है। उन्होंने दोनों पक्षों से आपसी सहमति और शांतिपूर्ण तरीके से निर्णय लेने की अपील की।

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