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बरेली: X पर वायरल पोस्ट निकली भ्रामक, कैंट पुलिस ने बताया पूरा सच; पहले ही दर्ज हो चुका था SC/ST एक्ट में मुकदमा

बरेली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर “दलित प्रेमी युवक की पिटाई और पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने” का दावा करते हुए वायरल की गई पोस्ट को लेकर बरेली कैंट पुलिस ने तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के अनुसार वायरल पोस्ट में कई भ्रामक और तथ्यहीन बातें प्रसारित की गईं, जबकि मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी थी।

क्या था वायरल दावा?

30 जून 2026 को सुबह 7:50 बजे X यूजर @AnoopRaizadaSr6 द्वारा एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें दावा किया गया कि थाना कैंट क्षेत्र में एक दलित प्रेमी युवक को दबंगों ने घेरकर बुरी तरह पीटा, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पोस्ट में मुख्यमंत्री, गृह मंत्रालय और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी टैग किया गया। साथ ही एक तहरीर, फोटो और वीडियो भी अपलोड किया गया।

पुलिस जांच में क्या आया सामने?

कैंट पुलिस के अनुसार वायरल पोस्ट में घायल व्यक्ति को प्रेमी युवक बताया गया, जबकि वास्तविकता यह है कि घायल व्यक्ति सुरेश, निवासी ग्राम उमरसिया, हैं जो कथित प्रेमी युवक के पिता हैं। सुरेश 29 जून की शाम घायल अवस्था में थाना कैंट पहुंचे थे, जहां पुलिस ने तत्काल जीडी में एंट्री कर उन्हें पुलिसकर्मी के साथ जिला अस्पताल भेजा।

तहरीर मिलते ही दर्ज हुआ मुकदमा

घायल की पत्नी अशोका द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर उसी रात थाना कैंट में बीएनएस की संबंधित धाराओं तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत श्याम सुंदर उर्फ सुंदरलाल, उसकी पत्नी आरती, फूल सिंह और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल विवेचना भी शुरू कर दी।

2024 के पुराने विवाद से जुड़ा है मामला

पुलिस के अनुसार यह विवाद वर्ष 2024 में दर्ज अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मुकदमे से जुड़ा है। उस मामले में सुरेश के बेटे आकाश पर श्याम सुंदर की नाबालिग बेटी को भगाने का आरोप था। बाद में बालिग होने पर युवती अपनी इच्छा से चली गई और पुलिस के अनुसार वह दोबारा आकाश के साथ चली गई, जिसके चलते दोनों पक्षों में विवाद बना हुआ है।

भ्रामक पोस्ट की होगी जांच

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रसारित कर पुलिस की छवि धूमिल करने तथा जातीय तनाव फैलाने का प्रयास किया गया है। इस संबंध में जांच के आदेश दिए गए हैं और मामले की जांच निरीक्षक अपराध भारत सिंह को सौंपी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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