पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से जारी संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। शुरुआत से देखें तो यह टकराव लगातार और अधिक भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के तीव्र हमलों के बीच ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन हमलों के बीच यह संघर्ष अब 30वें दिन में पहुंच चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव अभी भी चरम पर बना हुआ है।
इसी बीच, अमेरिका के कई हिस्सों में शनिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति के विरोध में ‘नो किंग्स’ नाम से प्रदर्शन आयोजित किए गए। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों, बढ़ती महंगाई और ईरान के साथ चल रहे युद्ध के खिलाफ आवाज उठाई। ये विरोध प्रदर्शन बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक आयोजित किए गए, जिनमें रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों राज्यों के लोग शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नारे लगाए, तख्तियां दिखाई और गीत-संगीत व नृत्य के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। न्यूयॉर्क सिटी में प्रदर्शनकारी मिडटाउन मैनहटन से मार्च करते हुए आप्रवासन नीतियों, ट्रंप प्रशासन और ईरान संघर्ष के विरोध में तख्तियां लेकर निकले। वहीं, सैन फ्रांसिस्को में लोग एम्बारकाडेरो प्लाजा से सिविक सेंटर तक मार्च करते हुए अमेरिकी झंडे और विभिन्न आंदोलनों, जैसे यूक्रेन और ट्रांसजेंडर अधिकारों के समर्थन में बैनर प्रदर्शित कर रहे थे।






