उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने किसानों को केंद्र में रखकर बड़ा सियासी दांव चला है। दावा किया जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए करीब 3 करोड़ किसानों को साधने की कोशिश हो रही है। हाल ही में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में Akhilesh Yadav ने किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), गन्ना भुगतान, बिजली दरों और कृषि से जुड़े अन्य सवालों पर सरकार को घेरा।
इस पूरे अभियान की खास बात यह रही कि इसमें गुर्जर और मुस्लिम वोट बैंक को साथ लाने की स्पष्ट रणनीति नजर आई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ये दोनों वर्ग चुनावी नतीजों पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि यह कार्यक्रम उन इलाकों में आयोजित किया गया, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने सियासी समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी भी किसानों और पिछड़े वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath लगातार जनसभाओं और योजनाओं के जरिए अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं।
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