वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच पहला सेमीफाइनल 31 जुलाई को खेला जाना था। लेकिन भारत की दिग्गजों से सजी टीम — जिसमें युवराज सिंह, शिखर धवन, इरफान पठान, हरभजन सिंह और सुरेश रैना जैसे सितारे शामिल हैं — ने ये मुकाबला खेलने से साफ मना कर दिया।
भारत ने इससे पहले भी लीग राउंड में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार किया था। टीम का ये स्टैंड सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है — इसकी जड़ें हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी हैं। भारत ने पाक और पीओके स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर करारा जवाब दिया था।
ऐसे माहौल में भारतीय टीम का मानना है कि आतंकवाद और क्रिकेट एक साथ नहीं चल सकते। भारत के इस फैसले के चलते पाकिस्तान बिना खेले फाइनल में पहुंच गया है।
ईज़माईट्रिप के फाउंडर निशांत पिट्टी ने भी ट्वीट कर भारतीय टीम के फैसले का समर्थन किया। उनका साफ कहना है — ये सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक संदेश है। भारत ने आज मैदान पर नहीं, बल्कि अपने सिद्धांतों के लिए स्टैंड लिया है — और यही असली जीत है।






