लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग/एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर वाली व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई। अधिकांश मृतक युवा छात्र बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और इमारत में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच शुरू कर दी गई है।
हादसे के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने उस भवन को लेकर नया ध्वस्तीकरण (डिमोलिशन) नोटिस जारी किया है। मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 4 अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
उत्तर प्रदेश भर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई है। विभिन्न जिलों में कार्रवाई के तहत 48 कोचिंग सेंटर सील किए जाने की खबर सामने आई है, जबकि कई अन्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा और भवन मानकों की जांच जारी है। कानपुर, प्रयागराज और नोएडा समेत कई शहरों में बड़े पैमाने पर निरीक्षण चल रहे हैं।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए Akhilesh Yadav ने मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने हादसे के लिए सुरक्षा मानकों की अनदेखी को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपने कार्यक्रम रद्द कर स्थिति की समीक्षा की और जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है।





