उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मोहर्रम के जुलूस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चर्चा का विषय बनी हुई है। शहर के प्रमुख और संवेदनशील माने जाने वाले शिव चौक पर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए। जुलूस के मार्ग से गुजरने से पहले पूरे क्षेत्र को लाल कपड़े से ढक दिया गया और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया।
प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था किसी विवाद या तनाव की आशंका को रोकने और जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए की गई। शिव चौक पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार मौजूदगी रही। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग की गई और आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
मोहर्रम का जुलूस निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए शिव चौक पहुंचा, जहां सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही चाक-चौबंद थी। जुलूस के दौरान ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम के जरिए निगरानी रखी गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर हालात का जायजा लिया और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को तैयार रखा गया।
प्रशासन का मानना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान छोटी सी लापरवाही भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है। यही वजह है कि इस बार सुरक्षा के लिहाज से पहले से ज्यादा सतर्कता बरती गई। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और जुलूस आयोजकों के साथ कई दौर की बैठकें भी की थीं ताकि कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
हालांकि इस व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे प्रशासन की एहतियाती रणनीति बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे अनावश्यक कदम मान रहे हैं। लेकिन प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
फिलहाल सबसे बड़ी बात यह रही कि मोहर्रम का जुलूस बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ और पूरे कार्यक्रम के दौरान शहर में शांति का माहौल बना रहा। प्रशासन अब इसे अपनी सुरक्षा योजना की सफलता के तौर पर देख रहा है।
मोहर्रम के जुलूस के दौरान शिव चौक को लाल कपड़े से ढका गया पुलिस बल भी तैनात…..






