यूपी की राजनीति में उस समय नई बहस छिड़ गई जब प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने एक पुलिस मुठभेड़ पर खुलकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को एनकाउंटर में मार देना न्याय का सही तरीका नहीं हो सकता और कानून के तहत अदालत को फैसला करने का अधिकार है।
मंत्री ने यह भी कहा कि अगर परिवार के आरोप सही हैं और आरोपी को पहले हिरासत में लिया गया था, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ अधिकारी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
संजय निषाद के इस बयान के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। राजनीतिक हलकों में इसे सरकार के भीतर मतभेद के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अब इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में नई सियासी चर्चा तेज हो गई है।





