Home / Updates / “पुलिस से छीने हथियार अब बने स्नाइपर! दूर से वार की तैयारी में उग्रवादी”

“पुलिस से छीने हथियार अब बने स्नाइपर! दूर से वार की तैयारी में उग्रवादी”

मणिपुर की अशांत फिजाओं में अब एक और डर गूंजने लगा है। 2023 में जब मैतेई और कुकी समुदायों से जुड़े उग्रवादी समूहों ने पुलिस शस्त्रागार से हजारों हथियार लूटे थे, तब शायद किसी ने सोचा भी नहीं था कि वो हथियार अब स्नाइपर राइफल में तब्दील हो जाएंगे।इन हथियारों को केवल इस्तेमाल करने के लिए नहीं, बल्कि दूर से सटीक निशाना लगाने के लिए खासतौर पर मॉडिफाई किया जा रहा है — ताकि विरोधी समुदायों पर अचानक वार किया जा सके, वो भी ऐसी दूरी से जहां से जवाब देने का मौका भी न मिले।6,000 से ज्यादा हथियार लूटे गए थे, जिनमें .303 राइफल, एके-सीरीज़, INSAS और कार्बाइन गन जैसे घातक हथियार शामिल थे। 303 राइफल वैसे तो 500 मीटर तक असरदार होती है, लेकिन अगर इसमें स्नाइपर स्कोप, टैक्टिकल बट और अन्य डिवाइसेज़ जोड़ दी जाएं — तो यह एक लंबी दूरी की जानलेवा बंदूक बन जाती है।

ALSO READ:https://expressnewslive.tv/bloody-game-of-tantra-in-sardhana-polices-laxity-took-the-lives-of-two-innocent-people/

एके-47 की रेंज भले 300-400 मीटर हो, मगर उग्रवादी इसके भी साइलेंट किलर वर्जन की तैयारी में जुटे थे।यह साफ इशारा है कि उग्रवादी अब सीधी मुठभेड़ नहीं, बल्कि दूर से निशाना लगाने वाली रणनीति बना रहे थे — बिना चेतावनी, बिना आवाज़… बस एक सटीक गोली।लेकिन गनीमत रही कि इससे पहले कि हालात और बिगड़ते, पुलिस, असम राइफल्स और अर्धसैनिक बलों की टीमों ने समय रहते कार्रवाई की। इंफाल घाटी और आसपास के संवेदनशील इलाकों से ये हथियार बरामद किए गए — एक और बड़ी त्रासदी टल गई।पर सवाल अब भी बाकी है — क्या हम तैयार हैं उस जंग के लिए जो दिखती नहीं, पर बहुत दूर से आती है? और क्या अब समय नहीं आ गया कि हम सिर्फ लूट को रोकने की नहीं, लूट के इरादों और उनके तकनीकी अपग्रेड को भी समझने की तैयारी करें?

Tagged:
[post-views]
Share
Now