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बिना जुआ-सट्टा प्रमोशन के 36 देशों का सफ़र: Mohd Arbaz Khan (Arbaaz Vlogs)

Mohd Arbaz Khan आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। एक जाने-माने Vlogger, जिन्होंने हाल ही में अमेरिका का सफल दौरा पूरा कर भारत वापसी की है। अब तक वह 36 से ज़्यादा देशों की यात्रा कर चुके हैं। यह सुनने में जितना आसान लगता है, हकीकत में उतना ही मुश्किल है।

किसी एक देश की यात्रा करने में ही लाखों रुपये का खर्च आता है: वीज़ा, टिकट, रहना-खाना और अन्य खर्च मिलाकर। ऐसे में 36 देशों की यात्रा करना किसी असाधारण उपलब्धि से कम नहीं। आमतौर पर Vloggers अपनी कमाई के लिए दो मुख्य स्रोतों पर निर्भर होते हैं: यूट्यूब ऐडसेंस और ब्रांड प्रमोशन डील्स।
हकीकत यह है कि ऐडसेंस के मुकाबले प्रमोशन से कई गुना ज़्यादा पैसा मिलता है।

लेकिन अगर आप Arbaaz Vlogs के नियमित दर्शक हैं, तो आपने एक बात ज़रूर नोटिस की होगी:
उनके चैनल पर कभी किसी ऐप, वेबसाइट या सट्टा-गेमिंग से जुड़ा प्रमोशन वीडियो नहीं दिखता।

यह सवाल बेहद अहम है।
जहाँ छोटे-छोटे यूट्यूबर्स और इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर्स को ऐसे ऐप्स हजारों से लेकर लाखों रुपये तक ऑफर करते हैं, वहीं मिलियंस में रिच और एक्टिव ऑडियंस रखने वाले अरबाज़ के चैनल पर एक भी ऐसा प्रमोशन क्यों नहीं?

इसका जवाब बेहद साफ़ है:

आज के समय में ज़्यादातर प्रमोशन ऑफ़र्स सट्टा, ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग ऐप्स से जुड़े होते हैं। आपने भी देखा होगा कि सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में क्रिएटर्स इन ऐप्स का प्रचार करते हैं। यह एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है।

लगभग रोज़ ऐसी ख़बरें सामने आती हैं कि किसी व्यक्ति ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप पर पैसे लगाए, सब कुछ हार गया और फिर मानसिक दबाव में आकर अपनी जान तक दे दी।
ऐसे ऐप्स का प्रमोशन करना सिर्फ़ अनैतिक ही नहीं, बल्कि दूसरों की ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ है।

इसी गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने ऑनलाइन जुआ, सट्टा और बेटिंग से जुड़े प्रमोशंस पर सख़्त पाबंदियाँ लगाई हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और अन्य नियामक संस्थाओं ने साफ़ किया है कि इस तरह के प्रमोशन समाज और युवाओं के लिए घातक हैं। इसके बावजूद, कई क्रिएटर्स आज भी सिर्फ़ पैसों के लिए इन नियमों को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं।

इसी बीच अरबाज़ ने हाल ही में खुलासा किया कि उनकी अमेरिका ट्रिप पर लगभग 8.5 लाख रुपये का खर्च आया। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सिर्फ़ एक ट्रिप का खर्च है। अब ज़रा सोचिए—जो व्यक्ति 36 देशों की यात्रा कर चुका हो, उसने कितनी बड़ी आर्थिक ज़िम्मेदारी उठाई होगी।

मतलब साफ़ है:
अरबाज़ जितना कमाते हैं, लगभग उतना ही अपने सफ़र पर खर्च कर देते हैं।
बिना प्रमोशन के किसी भी कंटेंट क्रिएटर के लिए लंबे समय तक सर्वाइव करना बेहद मुश्किल होता है।

बातचीत के दौरान जब अरबाज़ से पूछा गया कि वह प्रमोशन क्यों नहीं करते, तो उनका जवाब सीधा और दिल से निकला हुआ था। उन्होंने साफ़ कहा कि:

“मैं अपनी ज़िंदगी में कभी ऐसा काम नहीं करूँगा जिससे लोगों की ज़िंदगी खराब हो।”

अरबाज़ ने बताया कि आज भी उनके पास लाखों रुपये के गेमिंग, बेटिंग और अन्य गलत प्रमोशन ऑफ़र्स आते हैं, लेकिन वह सभी को बिना सोचे मना कर देते हैं।
उनका मानना है कि क्रिएटर की सबसे बड़ी पूंजी उसकी ऑडियंस का भरोसा होती है, और वह उस भरोसे के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि भले ही भविष्य में यूट्यूब पर सर्वाइव करना उनके लिए मुश्किल हो जाए, लेकिन वह कभी अपनी ऑडियंस के साथ गलत नहीं करेंगे

Mohd Arbaz Khan की यह सोच उन्हें सिर्फ़ एक सफल Vlogger ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और ईमानदार रोल मॉडल बनाती है।
आज के दौर में, जहाँ पैसा प्राथमिकता बन चुका है, अरबाज़ ने यह साबित कर दिया कि सफलता बिना गलत रास्ते अपनाए भी हासिल की जा सकती है

उनका सफ़र सिर्फ़ देशों की गिनती नहीं, बल्कि उस नैतिकता और ईमानदारी की कहानी है जो हर क्रिएटर के लिए एक मिसाल है।

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