Home / Updates / “ट्रांसफर पॉलिसी ढीली, कुर्सी से चिपके अफसर!”

“ट्रांसफर पॉलिसी ढीली, कुर्सी से चिपके अफसर!”

उत्तराखंड सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के वर्षों से एक ही जगह टिके रहने की व्यवस्था को सुधारने के लिए नई तबादला नीति बनाई गई थी। उम्मीद थी कि अब कामकाज में पारदर्शिता आएगी और मनमानी पर रोक लगेगी। इस नीति के तहत 31 जुलाई तक वार्षिक स्थानांतरण पूरे किए जाने थे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अंतिम तारीख तक एक भी तबादला नहीं हुआ। इससे सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इस नीति का मकसद क्या था, जब इसे लागू ही नहीं किया गया?

नई नीति में स्पष्ट था कि अनुभाग अधिकारी से लेकर संयुक्त सचिव और अन्य कर्मचारियों के तबादले तय प्रक्रिया से होंगे। एक ही अनुभाग में लगातार पांच साल से अधिक तैनाती पर रोक थी और आदेश मिलते ही तीन दिन में नई जगह कार्यभार संभालना जरूरी था। लेकिन हकीकत ये है कि कई अधिकारी अभी भी वर्षों से एक ही कुर्सी पर जमे हैं, कुछ तो काम भी कम करते हैं, फिर भी हटाए नहीं जाते—क्योंकि वे ‘चहेते’ हैं।

सचिवालय संघ के पूर्व अध्यक्ष दीपक जोशी ने इस व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नीति में कई खामियां हैं। कर्मचारियों से सलाह लिए बिना इसे बना दिया गया और न्यूनतम सेवा अवधि जैसी बुनियादी बातें तय ही नहीं की गईं। उन्होंने इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव को पत्र लिखा है और मांग की है कि सबसे पहले सचिवालय प्रशासन को इस नीति पर अमल करके उदाहरण पेश करना चाहिए।

Tagged:
[post-views]
Share
Now