उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से हलचल तेज हो गई है।
सवाल बड़ा है—क्या योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करेगी, या फिर अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी सत्ता में वापसी का रास्ता बनाएगी?
लेकिन चुनावी नतीजों से पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के एक बयान ने सियासी चर्चाओं को और गर्म कर दिया है।
एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि 2027 में योगी आदित्यनाथ हैट्रिक लगाएंगे या अखिलेश यादव बाजी मारेंगे, तो बृजभूषण सिंह ने साफ कहा—इस बार लड़ाई है और लड़ाई कठिन है। किसी के लिए भी चुनाव एकतरफा नहीं होगा।
खास बात यह है कि जब उनसे पूछा गया कि बीजेपी नेता होने के बावजूद वह ऐसा बयान क्यों दे रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि क्या वह झूठ बोलें?
बृजभूषण सिंह ने 2024 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस वक्त परिस्थितियां अलग थीं और राजनीति में परिस्थितियां हर पल बदलती रहती हैं।
साथ ही उन्होंने सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी-इंकम्बेंसी की संभावना को भी स्वीकार किया। उनका कहना है कि योगी सरकार को करीब 10 साल हो चुके हैं और इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद चुनावी मुकाबला मुश्किल होना स्वाभाविक है।
अब बृजभूषण सिंह का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि 2027 का चुनाव अभी दूर है, लेकिन बीजेपी और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या बृजभूषण सिंह का बयान यूपी की जमीनी सियासत का संकेत है?
क्या 2027 में बीजेपी और विपक्ष के बीच वाकई कांटे की टक्कर होगी?
फिलहाल चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन बृजभूषण सिंह के बयान ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि 2027 की सियासी जंग को लेकर अभी से दावे और अटकलों का दौर तेज होने वाला है।





