नई दिल्ली: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए फिलहाल राहत की खबर नहीं है। केंद्र सरकार का कहना है कि मौजूदा वैश्विक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन के दाम तुरंत घटाना संभव नहीं है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां लंबे समय से वित्तीय दबाव झेल रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और घरेलू स्तर पर सीमित मूल्य वृद्धि के कारण कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में कीमतों में तत्काल कटौती करने से उनकी आर्थिक स्थिति पर और असर पड़ सकता है।
मंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। इससे कच्चे तेल की खरीद महंगी हुई और तेल कंपनियों का वित्तीय बोझ बढ़ा। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति सामान्य होने के बाद आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत आने वाले वर्षों में अपनी ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश की रिफाइनिंग क्षमता में बड़ा विस्तार करना है, जिससे घरेलू मांग को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके और आयात पर निर्भरता कम हो।
सरकार का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार से भविष्य में ईंधन आपूर्ति अधिक मजबूत होगी। हालांकि फिलहाल उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
आम आदमी नहीं तेल कंपनियों के साथ खड़ी है सरकार केंद्रीय मंत्री बोले तेल की कीमत घटाना अभी….






