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शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ: महाकवि माघ नगरी से हुआ विधिवत शंखनाद, तैयारी शुरू….

भीनमाल स्थानीय चंडीनाथ महादेव मंदिर परिसर सभा भवन में अखिल भारत वर्ष के यज्ञ सम्राट शंकराचार्य परम्परा के संत प्रखर महाराज के संत सानिध्य में महा अभियान की तैयारी शुरू की गई।
मुख्य अतिथि अखिल भारतीय यज्ञ सम्राट प्रखर महाराज ने बताया कि संपूर्ण विश्व भय, हिंसा और आतंक से ग्रसित है। ऐसी स्थिति में कोई एक साधना अगर इस अंधकार को प्रकाश में बदल सकती है, तो वह है गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ। इन आध्यात्मिक शब्दों के साथ राष्ट्रीय संत अनंत विभूषित स्वामी प्रखर महाराज ने शहर के ब्राह्मण समाज के गणमान्य प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि अगले वर्ष होने वाला 200 कुंडीय विराट शत गायत्री महा पुरश्चरण महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नही बल्कि राष्ट्र जागरण और विश्व शांति का अलौकिक अभियान है। यह आयोजन 8 मार्च से 19 अप्रैल 2026 तक गायत्री शक्तिपीठ मणिवेदिका पीठ पुष्कर में होना है। उन्होंने कहा कि यह अनुष्ठान सनातन धर्म की आत्मा को पुनः जागृत करने वाला है। महर्षि विश्वामित्र के बाद पुष्कर की धरा पर इस स्तर का पुरश्चरण यज्ञ पहली बार होने जा रहा है। यह केवल ब्राह्मणों के कल्याण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संपूर्ण मानवता के उद्धार का माध्यम बनेगा। महाराज ने उपस्थित समाज बंधुओ से आह्वान किया कि वे तन, मन, धन से इस महायज्ञ से जुड़ें। क्योंकि इससे उत्पन्न ब्राह्मी शक्ति से नकारात्मक प्रवृत्तियां, अधर्म, आतंकवाद का विनाश होगा। उन्होंने कहा कि यह यज्ञ आत्म शोधन और राष्ट्र निर्माण का समन्वय है। शहर के चंडीनाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित इस गोष्ठी सभा में शहर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। महाराज का स्वागत शेखर व्यास अध्यक्ष श्रीमाली ब्राह्मण समाज, अदराराम राजपुरोहित मोरसीम सहित विप्र बंधु जन बंधुओ ने माल्यार्पण, पुष्पगुच्छ और शाल ओढ़ाकर स्वागत किया।

इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए दिनेश दवे नवीन प्रदेश महामंत्री विप्र फाउंडेशन जोन एक सी के प्रदेश महामंत्री दिनेशकुमार दवे ने कहा कि गायत्री महायज्ञ एक कर्मठता, शुचिता और श्रेष्ठता का पर्याय है l शेखर व्यास ने कहा कि महर्षि की लोकसम्मत यश-कीर्ति से पूर्व से ही परिचित था, परंतु जब सजीव रूप में इन विभूति से सानिध्य हुआ तो अनुभव किया कि वे विनम्रता, दूरदृष्टि, उदारता और सेवा-भावना के जीवंत प्रतिमान हैं। अदराराम राजपुरोहित ने कहा कि जिनके मुखमंडल पर संयम और ओज का अद्भुत संतुलन है । मांगीलाल राजपुरोहित सायला ने भी अपने विचार व्यक्त किये। डॉ घनश्याम व्यास जिला महामंत्री ने बताया कि उन्होंने युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए महर्षि स्वामी प्रखर महाराज ने विप्र परिवार के इस पुनीत उदात्त योगदान हेतु हृदय से आभार व अभिनंदन किया l
कार्यक्रम में दिनेश दवे नवीन प्रदेश महामंत्री, शेखर व्यास प्रवीण एम दवे, मानाराम राजपुरोहित, अदराराम राजपुरोहित, मीना शर्मा, कंचन वैष्णव, डॉ राजेंद्र वैष्णव, बद्रीनारायण गौड़, सुरेश पारीक, जंगबहादुर पांडे, भगवती प्रसाद दवे, मनीष दवे, मीठालाल व्यास, मांगीलाल पुरोहित, सांवलाराम दादाल, जबरसिंह चोराऊ, महेन्द्र शर्मा, महेन्द्र पुरोहित, महेश व्यास, रविशंकर दवे, किशोरकुमार दवे, नरोतम त्रिवेदी, जगदीश रामावत, बद्रीनारायण गौड़, मोबताराम पुरोहित, मानाराम पुजारी, दिलीप व्यास, दिलीप दवे, विष्णु व्यास, घेवरचंद पुरोहित सहित कई बंधु -भगिनियों की उपस्थिति रही ।

रिपोर्ट भरत सोलंकी जिला ब्यूरो चिफ जालौर

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