बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने अपना घोषणापत्र जारी किया है, जिसका नाम रखा गया है “बिहार का तेजस्वी प्रण”। पटना में हुए कार्यक्रम में तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी, पवन खेड़ा और दीपांकर भट्टाचार्य जैसे कई नेता मौजूद रहे। इस घोषणापत्र में रोजगार, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और युवाओं की उम्मीदों को केंद्र में रखा गया है। महागठबंधन ने वादा किया है कि हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए कानून बनेगा, साथ ही हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं को ₹2,500 मासिक आर्थिक सहायता दी जाएगी।
बता दे की घोषणापत्र में रोजगार को लेकर बड़े कदमों का ऐलान किया गया है। सरकार बनने के 20 दिनों में रोजगार नीति बनाई जाएगी और 20 महीनों में भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जीविका समूह की दीदियों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देकर ₹30,000 मासिक वेतन देने और बिना ब्याज के लोन देने की योजना है। इसके साथ ही, राज्य के आईटी, एग्रो, डेयरी, हेल्थकेयर, टूरिज्म और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का वादा किया गया है। संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी स्थायी किया जाएगा ताकि नौकरी की अस्थिरता खत्म हो।
साथ ही आपको बता दे की महागठबंधन ने किसानों और आम जनता के हित में कई भरोसेमंद कदमों की घोषणा की है सभी फसलों के लिए MSP की गारंटी, मंडियों की बहाली, और पुरानी पेंशन योजना की वापसी। मनरेगा मजदूरी ₹255 से बढ़ाकर ₹300 की जाएगी और काम के दिन 100 से बढ़ाकर 200। हर अनुमंडल में महिला कॉलेज और हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने का वादा किया गया है, ताकि शिक्षा हर घर तक पहुंचे। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए हर व्यक्ति को ₹25 लाख तक का मुफ्त बीमा, जिला अस्पतालों का आधुनिकीकरण और कर्मचारियों के लिए CGHS जैसी सुविधा देने का भी आश्वासन है। तेजस्वी यादव ने कहा “हमारा प्रण सिर्फ वादों का नहीं, बल्कि बिहार को आत्मनिर्भर, शिक्षित और रोजगारयुक्त बनाने का है।”






