संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान शुरू हुआ विवाद बुधवार को और तेज हो गया। सदन में लगातार दूसरे दिन हंगामे की स्थिति बनी रही, जिसके चलते कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
दरअसल, राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे से जुड़ा एक लेख सदन में दिखाने की कोशिश की। इस पर स्पीकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही के दौरान ऐसे दस्तावेज़ या लेख दिखाने की अनुमति नहीं है। स्पीकर ने राहुल गांधी को नियमों का पालन करने की नसीहत दी और रिकॉर्ड से कुछ टिप्पणियां हटाने के निर्देश भी दिए।
स्पीकर की आपत्ति के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विपक्षी सदस्यों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक बताया, जबकि सत्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि सदन के नियमों की अनदेखी की जा रही है।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ विपक्षी सांसदों ने विरोध स्वरूप कागज़ लहराए और सदन में फेंक दिए। इसे सदन की गरिमा के खिलाफ मानते हुए स्पीकर ने कड़ी कार्रवाई की। पेपर उछालने के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया।
निलंबन के फैसले के बाद विपक्षी दलों ने सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और इसे लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बताया। वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लगातार दूसरे दिन के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही प्रभावित रही और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा अधूरी रह गई। अब नजर इस बात पर है कि क्या आगे की बैठकों में गतिरोध खत्म होगा या टकराव और
लोकसभा में राहुल गांधी के बयान पर दूसरा दिन भी हंगामा, 8 विपक्षी सांसद निलंबित






