राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। देशभर की अलग-अलग राज्यों से 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। यानी इन सीटों पर किसी तरह का मतदान नहीं होगा।
निर्विरोध चुने गए नेताओं में कई बड़े और अनुभवी नाम शामिल हैं। इनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, भारतीय जनता पार्टी के नेता विनोद तावड़े और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी का नाम प्रमुख है।
इन नेताओं का निर्विरोध चुना जाना यह संकेत देता है कि कई राज्यों में राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनी या फिर उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर रही।
हालांकि तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। 11 सीटों पर मुकाबला तय हो चुका है, जहां पार्टियों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी। इन सीटों पर मतदान होगा और विधायकों के वोट से नतीजे तय होंगे।
राज्यसभा चुनाव अक्सर संख्या बल का खेल होता है, लेकिन कई बार क्रॉस वोटिंग और रणनीतिक गठजोड़ भी परिणाम बदल देते हैं। ऐसे में जिन 11 सीटों पर चुनाव होना है, वहां राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
अब नजर उन राज्यों पर रहेगी जहां मुकाबला रोचक है और यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या परिणाम पूरी तरह गणित के अनुसार आते हैं या फिर कोई राजनीतिक उलटफेर देखने को मिलता है।
राज्यसभा चुनाव: चुनाव से पहले ही 26 नेताओं को मिला जीत का तोहफा ये 26 नेता निर्विरोध निर्वाचित….






