रिपोर्ट: सैयद फरहान अहमद अलिग
पटना: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब विभिन्न वर्गों ने अपनी उम्मीदें और माँगें शासन के समक्ष रखनी शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में, बिहार जद (यू) विधि प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता श्री नसीर हैदर* ने माननीय श्री सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ दी हैं। पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं की सुरक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक कल्याण से जुड़े गंभीर मुद्दों को सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा। ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ लागू करना समय की माँग प्रेस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता श्री नसीर हैदर ने मुख्यमंत्री से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि माननीय यशस्वी पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में अधिवक्ताओं के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अब समय आ गया है कि उन कार्यों को विस्तार देते हुए बिहार में अविलंब ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ (अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम) लागू किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वकीलों के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना न्याय प्रणाली की मजबूती के लिए अनिवार्य है। रिक्त पदों पर नियुक्तियों में देरी पर जताई चिंता*
श्री हैदर ने सरकारी अधिवक्ताओं की बहाली प्रक्रिया में हो रहे विलंब पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि बिहार में P.P. (Public Prosecutor) और G.P. (Government Pleader) की बहाली प्रक्रिया शुरू हुए लगभग 6 माह बीत चुके हैं, लेकिन पैनल तैयार होने के बाद भी Special PP, APP और AGP की अंतिम नियुक्तियाँ अभी तक लंबित हैं। उन्होंने मांग की कि न्यायिक कार्यों में सुगमता के लिए इन रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए।
विधि मंत्री से अधिवक्ताओं के लिए ‘सुरक्षा कवच’ की अपील
नवनियुक्त विधि मंत्री श्री संतोष चौहान का स्वागत करते हुए श्री नसीर हैदर ने अधिवक्ताओं की सामाजिक सुरक्षा को लेकर एक व्यापक ‘रोडमैप’ पेश किया। उन्होंने प्रमुखता से निम्नलिखित माँगें रखीं:
आर्थिक सहायता: किसी भी अधिवक्ता के असामयिक निधन पर उनके परिजनों को ₹25 लाख की सम्मानजनक सहायता राशि प्रदान की जाए।
सामाजिक सुरक्षा: अधिवक्ताओं के भविष्य को स्थायित्व देने के लिए एक ठोस पेंशन योजना की शुरुआत हो।
बीमा सुरक्षा: कार्य के दौरान जोखिम को देखते हुए अधिवक्ताओं के लिए *दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाओं को धरातल पर उतारा जाए।
श्री नसीर हैदर ने विश्वास व्यक्त किया कि नई सरकार के नेतृत्व में अधिवक्ताओं की इन जायज माँगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे बिहार के कानूनी जगत से जुड़े हजारों परिवारों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।






