भारत के अंतरिक्ष मिशन को लेकर इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन साल भारत के लिए बेहद अहम होने वाले हैं, क्योंकि हमें अंतरिक्ष में अपने उपग्रहों की संख्या 55 से बढ़ाकर करीब तीन गुना करनी होगी। देश में बढ़ती जरूरतों और तकनीकी विस्तार को देखते हुए यह ज़रूरी हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इसरो 2035 तक अपना खुद का स्पेस स्टेशन तैयार कर लेगा, और उसका पहला हिस्सा 2028 में अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इस साल इसरो कुल 12 लॉन्च मिशनों की योजना पर काम कर रहा है, जिनमें 30 जुलाई को नासा-इसरो का साझा मिशन निसार शामिल है।
नारायणन ने यह भी साझा किया कि भारत अमेरिका का भारी-भरकम सैटेलाइट भी लॉन्च करने जा रहा है और जापान के साथ मिलकर नया चंद्रयान मिशन भी तैयार कर रहा है, जो पिछले मिशन से चार गुना ज्यादा वजनी होगा। गगनयान मिशन के तहत 2027 में भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष की उड़ान भरेंगे। इसरो अब न केवल देश के लिए बल्कि दुनिया के उन देशों के लिए भी काम कर रहा है, जिनके पास खुद की स्पेस टेक्नोलॉजी नहीं है। इसरो अब तक 34 देशों के 433 उपग्रह लॉन्च कर चुका है। इतने विशाल कामों के बीच इसरो प्रमुख को प्रतिष्ठित जी.पी. बिड़ला स्मारक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया, जो भारत की अंतरिक्ष यात्रा की सच्ची उड़ान का प्रतीक है।






