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पेंशन और परिवार पेंशन के प्रकरणों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित कराएं – कमिश्नर

वेतन निर्धारण के प्रकरणों का सात दिवसों में निराकरण सुनिश्चित कराएं – कमिश्नर

पेंशन प्रकरण में गलत जन्मतिथि अंकित करने पर सहायक संचालक मत्स्य उद्योग पन्ना को नोटिस जारी करने के कमिश्नर ने दिए निर्देश

सागर 21 अप्रैल 2026
कमिश्नर सागर संभाग श्री अनिल सुचारी ने सेवा निवृत्त शासकीय कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश संयुक्त संचालक पेंशन को दिए हैं। कमिश्नर ने निर्देशित करते हुए कहा है कि सागर संभाग में पेंशन प्रकरणों के निराकरण के काफी प्रकरण लंबित हैं, वहीं परिवार पेंशन के भी प्रकरण लंबित हैं। कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि पेंशन प्रकरणों और परिवार पेंशन प्रकरणों के लंबित प्रकरणों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कराएं।

कमिश्नर ने पन्ना जिले में सहायक संचालक मत्स्य उद्योग द्वारा पेंशन प्रकरण के निराकरण के मामले में सेवा निवृत्त कर्मचारी के पेंशन प्रकरण की फाइल में गलत जन्मतिथि अंकित करने के कारण पेंशन प्रकरण का निराकरण समय पर नहीं होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है तथा सहायक संचालक पन्ना को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

कमिश्नर ने संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा को भी निर्देश दिए हैं कि वे सागर संभाग में लंबित लगभग 713 वेतन निर्धारण के प्रकरणों का 1 सप्ताह की समय अवधि में निराकरण कर इसकी सूचना उन्हें दें। कमिश्नर ने उक्त निर्देश आज कोष एवं लेखा, सामाजिक न्याय विभाग, उद्योग विभाग, एमपीआरडीसी के कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।

बैठक में पेंशन प्रकरणों के निराकरण की जिलेवार समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने संयुक्त संचालक पेंशन को निर्देश दिए कि वे ऐसे आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को जानकारी उपलब्ध कराएं, जिनके कार्यालयों में काफी लंबे समय से पेंशन प्रकरण लंबित हैं। कमिश्नर ने कहा कि पेंशन प्रकरणों के निराकरण में रुचि नहीं रखने वाले आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में कमिश्नर ने उद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सागर संभाग की सभी औद्योगिक इकाइयों में जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कराने के लिए कार्य योजना बनाएं तथा वर्षा काल में वृहद स्तर पर पौधरोपण कराएं।

बैठक में कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सागर संभाग के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण इकाइयों में प्रशिक्षण के लिए छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि सागर संभाग की सभी औद्योगिक इकाइयों एवं संस्थानों में शत-प्रतिशत प्रशिक्षुओं को प्रवेश मिलना चाहिए। बैठक में कमिश्नर ने सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक योजना, कल्याणी पेंशन योजना, मुख्यमंत्री अविवाहित योजना, मुख्यमंत्री दिव्यांग पेंशन योजना की भी समीक्षा की गई।

अब हर समस्या के लिए कलेक्टर ऑफिस आने की जरूरत नहीं, आपकी तहसील में ही मिलेगा समाधान

जनता को बड़ी राहत: कलेक्टर की पहल पर अब तहसील स्तर पर ही निपटेंगे स्थानीय मामले

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सागर के नागरिकों के हित में संवेदनीशील निर्देश दिया है। अक्सर देखा जाता है कि लोग छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दूर-दराज के गांवों से जिला मुख्यालय तक का सफर तय करते हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। इसे खत्म करने के लिए अब तहसील स्तरीय जनसुनवाई को और अधिक सुलभ और सुविधापूर्ण बनाया गया है।

आमजन की सुविधा के लिए प्रशासन के खास इंतजाम हैं। नि:शुल्क टाइपिंग सेवा के अंतर्गत आपको आवेदन लिखवाने या टाइप करवाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। तहसील कार्यालय में ही आपके आवेदन मुफ्त में टाइप कर दिए जाएंगे। चिलचिलाती धूप को देखते हुए हर जनसुनवाई स्थल पर ठंडा पानी, पर्याप्त छाया और आरामदायक बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदारों को सख्त निर्देश हैं कि स्थानीय स्तर की समस्याओं को वहीं के वहीं सुलझाया जाए।

कलेक्टर की आमजन से अपील

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा है कि हमारा उद्देश्य है कि आपको अपने हक के लिए भटकना न पड़े। जब आपकी समस्या का समाधान आपकी अपनी तहसील में ही संभव है, तो धूप और दूरी की परेशानी क्यों उठाना? अपनी स्थानीय शिकायतों के साथ बेझिझक तहसील जनसुनवाई में आएं, हम आपकी सेवा के लिए तत्पर हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि केवल वही मामले जिला मुख्यालय भेजे जाएं जो कानूनी या तकनीकी रूप से तहसील स्तर पर संभव न हों। प्रशासन की प्राथमिकता ‘त्वरित न्याय और स्थानीय समाधान’ है।

कलेक्टर जनसुनवाई में कुर्सी छोड़कर पहुंची दिव्यांग के पास, सुनी समस्या, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

जनसेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कलेक्ट्रट कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में अपनी कुर्सी छोड़कर एक दिव्यांग आवेदक के पास पहुँचकर उनकी समस्या सुनी और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और पिछली जनसुनवाईयों में आए आवेदनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों की तत्काल स्क्रूटनी की जाए और आवेदकों को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि किन आवेदनों का निराकरण आज ही संभव है। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन आवेदनों का निराकरण तत्काल नहीं हो सकता, उनके लिए समय-सीमा निर्धारित कर आगामी शुक्रवार तक अनिवार्य रूप से प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अगली जनसुनवाई में विभागीय अधिकारी अपनी पिछली चार जनसुनवाईयों के आवेदनों पर की गई कार्यवाही और निराकरण की प्रगति का पूरा रिकॉर्ड साथ लेकर उपस्थित हों। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनसुनवाई में आने वाले हर पात्र व्यक्ति को समय पर न्याय और सहायता मिल सके

सफलता की कहानी

संकल्प और मेहनत की मिसाल: खुरई की बेटी बनी MBBS डॉक्टर

सागर जिले के खुरई विकासखंड की बेटी डॉ. अदिति राजवंशी ने अपने दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और सेवा भाव के बल पर एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी लिखी है। उनकी यह उपलब्धि आज पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है। डॉ. अदिति की प्रारंभिक शिक्षा खुरई में ही संपन्न हुई। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखा और निरंतर मेहनत करते हुए डॉक्टर बनने का सपना साकार किया। उन्हें इस दिशा में प्रेरणा उनके भाई आकाश राजवंशी से मिली। उन्होंने अपने भाई को लोगों की सेवा करते हुए देखा, जिसने उनके मन में भी चिकित्सा क्षेत्र में योगदान देने की भावना जागृत की। यही प्रेरणा उनके जीवन का लक्ष्य बन गई।

डॉ. अदिति बताती हैं कि MBBS की पढ़ाई अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है। इसमें सैद्धांतिक अध्ययन के साथ-साथ मरीजों का उपचार भी करना पड़ता है, जिससे पढ़ाई और प्रैक्टिकल कार्यों के बीच संतुलन बनाए रखना कठिन होता है। लेकिन इसी अनुभव ने उन्हें एक कुशल, संवेदनशील और जिम्मेदार चिकित्सक बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब वे अपने गृह क्षेत्र खुरई में स्वयं की क्लीनिक प्रारंभ करेंगी। उनका उद्देश्य है कि क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए दूर-दराज न जाना पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर एवं सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। डॉ. अदिति राजवंशी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं परिवारजनों को देती हैं। उनके अनुसार, परिवार का सहयोग, विश्वास और मार्गदर्शन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। डॉ. अदिति राजवंशी की यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे खुरई क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह कहानी बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और सेवा का भाव साथ हो, तो हर सपना साकार किया जा सकता है।

आमजन से अपील: लू से बचाव के लिए सावधानी बरतें

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं बढ़ती गर्मी के कारण मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए आमजन से लू से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में अत्यधिक तापमान और तेज गर्म हवाओं का सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है, जिससे विभिन्न बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। सामान्यतः इसे “लू” कहा जाता है। लू से बचाव के लिए इसके लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है।

लू के प्रमुख लक्षण

सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी, अत्यधिक पसीना आना, बेहोशी, कमजोरी, शरीर में ऐंठन तथा नाड़ी का असामान्य होना आदि लक्षण लू के संकेत हो सकते हैं।

लक्षण दिखाई देने पर क्या करें

प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर लिटाएं, कपड़े ढीले करें तथा ठंडे पेय पदार्थ जैसे कच्चे आम का पना आदि पिलाएं। शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां रखें तथा तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लें।

क्या करें

गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे। यात्रा के दौरान पानी साथ रखें। छाछ, ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी एवं आम का पना जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें। हल्के, सूती एवं ढीले कपड़े पहनें तथा धूप में निकलते समय सिर को टोपी, कपड़ा या छतरी से ढंकें। तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास एवं ककड़ी जैसे जलयुक्त फल-सब्जियों का सेवन करें तथा घर से निकलने से पहले ताजा भोजन अवश्य करें।

क्या न करें

खाली पेट धूप में न निकलें। अत्यधिक मसालेदार, तैलीय एवं बासी भोजन से परहेज करें। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें। नंगे पैर बाहर न जाएं तथा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। कूलर या एसी से निकलकर सीधे तेज धूप में जाने से भी परहेज करें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले के समस्त स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक उपचार एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्टाफ को लू से बचाव के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए भी निर्देशित किया गया है। आमजन से अपील की गई है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान विशेष रूप से शिशुओं, बच्चों, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों तथा बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें और आवश्यक सावधानियां अपनाकर सुरक्षित रहें।

विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष

सारिका घारू के साथ बच्चों ने लिया पृथ्वी बचाने का संकल्प

‘साइंस वाली दीदी’ ने चलाया पर्यावरण जागरूकता अभियान

पृथ्वी दिवस पर विशेष: सारिका घारू ने बच्चों को किया जागरूक

पृथ्वी दिवस पर प्लास्टिक से धरा को बचाने का दिया संदेश

गीतों और रोचक गतिविधियों से सिखाया पर्यावरण संरकरण

विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर भारत सरकार से नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बच्चों के साथ मिलकर विशेष पर्यावरण जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित कीं। “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह (Our Power, Our Planet)” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में बच्चों को पृथ्वी के संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने का संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम के दौरान सारिका घारू ने पर्यावरण आधारित गीतों के माध्यम से हरियाली की महत्ता और पृथ्वी को बचाने का संदेश दिया। उन्होंने खगोलीय ज्ञान के माध्यम से बताया कि ब्रह्मांड में केवल पृथ्वी ही जीवन का आधार है और इसकी सुरक्षा हमारा नैतिक कर्तव्य है।

सारिका घारू ने बच्चों को समझाया कि छोटे-छोटे बदलाव—जैसे प्लास्टिक का त्याग, बिजली की बचत और पौधारोपण—पृथ्वी को जलवायु परिवर्तन के संकट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चे आने वाले कल के रक्षक हैं। यदि वे आज से ही पर्यावरण के प्रति जागरूक होंगे, तो एक स्वस्थ और हरित भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

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