कानून का शासन ही न्यायपालिका की नींव है : CJI बी. आर. गवई
पोर्ट लुईस (मॉरीशस), 3 अक्टूबर 2025 – भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी. आर. गवई ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था रूल ऑफ लॉ (कानून के शासन) पर आधारित है और इसमें बुलडोजर एक्शन की कोई जगह नहीं है। उन्होंने यह बात मॉरीशस में आयोजित सर मॉरिस रॉल्ट मेमोरियल लेक्चर 2025 को संबोधित करते हुए कही।
CJI गवई ने कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी आरोपी के खिलाफ बुलडोजर चलाना कानून की प्रक्रिया का उल्लंघन है। उन्होंने चेताया कि –
“सरकार एक साथ जज, जूरी और जल्लाद नहीं बन सकती। बुलडोजर शासन संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण के अधिकार) का हनन है।”
लेक्चर के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमवीर गोकूल, प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम और मुख्य न्यायाधीश रेहाना मंगली गुलबुल भी उपस्थित थे।
CJI ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने समय-समय पर अपने महत्वपूर्ण फैसलों के जरिए रूल ऑफ लॉ को मजबूत किया है। उन्होंने 1973 के ऐतिहासिक केशवानंद भारती केस का उल्लेख करते हुए कहा कि इस निर्णय ने संसद की शक्तियों को सीमित किया और संविधान की बुनियादी संरचना की रक्षा की।
यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के वर्षों में कई राज्यों में प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने के नाम पर बुलडोजर कार्रवाई की है, जिस पर न्यायपालिका और कानूनी विशेषज्ञ सवाल उठाते रहे हैं। आपको याद होगा कि विगत दिनों बरेली में आई लव मोहम्मद को लेकर भी योगी सरकार ने कई लोगों के घरों पर बुलडोजर चलवाया है






