रिपोर्ट संजय मिश्रा चित्रकूट
जनपद चित्रकूट में तैनात बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी मनोहर लाल धर्मन नहीं सम्हाल पा रहे चकबंदी विभाग,इनके सह से विभागीय अधिकारियों द्वारा जनता को खुले आम लुटा जा रहा है और लूटने वाले अधिकारी पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है। आपको अवगत कराते चले कि( एसिओ) सहायक चकबंदी अधिकारी श्री गौतम दाखिल खारिज व वरासत करने पर किसानों से लेखपाल व दलालों के माध्यम से ले रहे भारी-भरकम धनराशि। चकबंदी विभाग के अधिकारी / कर्मचारीयों द्वारा दबी जुबान से बताया गया कि सहायक चकबंदी अधिकारी गौतम बिना पैसों के कोई काम नहीं करते और इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि एसिओ को बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी मनोहर लाल धर्मन का संरक्षण प्राप्त है जिससे इस अधिकारी का मनोबल दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं कई बार तो कार्यालय में तू-तू मैं-मैं भी हुई है। लेकिन चकबंदी विभाग के अधिकारियों के सह के कारण कभी कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है और बलि का बकरा बन रहे लेखपाल व कानूनगो समाज सेवी व पत्रकार संघ मंडल प्रभारी और टीवी न्यूज चैनल के ब्यूरो वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्रा द्वारा बताया गया कि संजय कुमार,बृजेश कुमार, और अनिल कुमार की दाखिल खारिज कराने के लिए महीनों से फाइल पड़ी है। जबकि नियमानुसार तीन महीने के अंदर दाखिल खारिज हो जाना चाहिए। लेकिन पैसे के अभाव में अभी तक नहीं हुई है जब की तीन महीने व्यतीत होने पर संबंधित अधिकारी से उच्च अधिकारियों को जवाब तलब करना चाहिए, लेकिन उच्च अधिकारियों द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं की गई।जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन चित्रकूट को संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई कर चकबंदी विभाग के घूस खोर सहायक चकबंदी अधिकारी को जनपद से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।
चित्रकूट -बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी नहीं सम्हाल पा रहे जनपद, दाखिल खारिज और वरासत पर एसिओ करते हैं अवैध वसूली, कार्रवाई की मांग






