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चित्रकूट -जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 15वें वित्त आयोग (2025-26) की कार्ययोजना हेतु समीक्षा बैठक संपन्न

चित्रकूट -जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत ‘टाइड’ एवं ‘अनटाइड’ अनुदान की वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना एवं प्रस्तावों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरुण कुमार, नगर पालिका परिषद कर्वी के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता एवं नगर पंचायत राजापुर के अध्यक्ष संजीव मिश्रा सहित संबंधित निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रस्तावित बजट एवं कार्ययोजना
बैठक में विभिन्न निकायों द्वारा विकास कार्यों हेतु निम्नलिखित वित्तीय प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए:

  • नगर पालिका परिषद कर्वी: टाइड मद में ₹456.60 लाख एवं अनटाइड मद में ₹499.96 लाख के प्रस्ताव।
  • नगर पंचायत राजापुर: अनटाइड मद में ₹83,19,006.00 लाख एवं टाइड मद में ₹1,24,78,512.00 लाख की कार्ययोजना।
  • नगर पंचायत मानिकपुर: अनटाइड मद में ₹6048266.00 लाख एवं टाइड मद में ₹9121902.00 लाख के प्रस्ताव।
    विकास एवं स्वच्छता संबंधी मुख्य प्राथमिकताएं

जिलाधिकारी द्वारा बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए गए:

*पेयजल एवं स्वच्छता: पेयजल आपूर्ति हेतु मोबाइल टैंकर, क्लोरीनेशन डोजर, पाइपलाइन विस्तार तथा सीवेज प्रबंधन के लिए मड पंप की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM): ‘डोर-टू-डोर’ कूड़ा कलेक्शन हेतु टाटा एसीई ईवी हॉपर, रिफ्यूज कॉम्पेक्टर, जेटिंग मशीन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कूड़ा संग्रहण केवल काली पन्नियों में ही किया जाए ताकि डंपिंग पॉइंट पर गंदगी न दिखे।
  • निर्माण कार्य: प्राथमिक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प, इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण तथा पटेल तिराहा से धनुष चौराहा तक फुटपाथ व स्ट्रीट लाइट स्थापना को प्राथमिकता दी गई।

निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने हेतु जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश जारी किए:
सरकारी एवं निजी संस्थानों सहित सभी नागरिकों से अनिवार्य रूप से ‘यूजर फीस’ वसूली जाए। इसके लिए अधिशासी अधिकारी व अध्यक्ष संयुक्त पत्र जारी करें।

शहर में विज्ञापन स्थलों को चिन्हित कर दो वर्षीय अनुबंध के आधार पर टेंडर प्रक्रिया 15 दिनों में पूर्ण करें, जिसमें प्रति दो वर्ष पर 10% शुल्क वृद्धि का प्रावधान हो।

सफाई कर्मचारी अनिवार्य रूप से निर्धारित ड्रेस और जैकेट में कार्य करेंगे। वर्दी न पहनने वाले कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। साथ ही, बैंकों के सहयोग से ड्रेस पर ‘लोगो’ लगवाकर अतिरिक्त राजस्व प्राप्त करने का सुझाव दिया गया।
जिलाधिकारी ने अंत में निर्देशित किया कि शहर की स्वच्छता डंपिंग पॉइंट के सुधार पर टिकी है। उन्होंने सफाई निरीक्षकों को टूटे हुए वाहनों की तत्काल मरम्मत कराने तथा सभी सफाई कर्मियों को उच्च गुणवत्ता वाले ग्लव्स उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में उपजिलाधिकारी राजापुर फूलचंद यादव, अधिशासी अधिकारी कर्वी श्रीलालजी यादव, अधिशासी अधिकारी मानिकपुर, भारतसिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे ।

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