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संयुक्त किसान मोर्चा का बड़ा फैसला’ वापस ली ट्रैक्टर रैली- आंदोलन…

नई दिल्ली; संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को किसानों द्वारा निकाली गयी ट्रैक्टर परेड को रोक दिया है और भागीदारों से अपने-अपने प्रदर्शन स्थलों की और लौटने की अपील की है। केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की ट्रैक्टर परेड तय समय से बहुत पहले शुरू हो गयी थी और राष्ट्रीय राजधानी में कई जगहों पर पुलिस के साथ उनका टकराव भी हुआ। देर शाम तक राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर किसान डटे हुए थे और परेड खत्म करने के लिए पहले से कोई समय निर्धारित नहीं था।

किसानों की यूनियनों के संगठन ने एक बयान में कहा, ‘‘गणतंत्र दिवस पर किसानों की परेड को हमने तत्काल प्रभाव से रोक दिया है और सभी भागीदारों से अपने-अपने प्रदर्शन स्थलों की ओर लौटने की अपील की है। आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और आगे के कदम पर चर्चा की जाएगी तथा जल्द फैसला लिया जाएगा।” संयुक्त किसान मोर्चा, दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही 41 किसान यूनियनों का प्रधान संगठन है।

इससे पहले, किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा में संलिप्त रहे किसानों से खुद को अलग कर लिया और आरोप लगाया कि कुछ ‘‘असमाजिक तत्व” इसमें शामिल हो गए। राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के बाद यूनियन ने ‘‘अवांछनीय” और ‘‘अस्वीकार्य” घटनाओं की निंदा की और इस पर खेद प्रकट किया।

बता दें कि सुबह दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डरों से किसान ट्रैक्टर परेड की शुरूआत हुई। सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, ढांसा बॉर्डर और चिल्ला बॉर्डर से किसानों ट्रैक्टर मार्च शुरू हुआ। दिल्ली पुलिस ने एक दिन पहले 25 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि 3 रूट तक किए गए हैं, जिस पर 5 हजार ट्रैक्टरों को परेड की अनुमति दी गई है। पुलिस ने बताया कि प्रत्येक ट्रैक्टर पर पांच लोग सवार होंगे और किसी के साथ कोई हथियार नहीं होगा। लेकिन दिल्ली पुलिस की सभी शर्तों को धता बताते हुए किसानों ने दिल्ली के अंदर कूच कर दिया और आईटीओ रोड पर पहुंच गए

आईटीओ रोड पर किसानों और दिल्ली पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई, किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेटिंग की। लेकिन जब किसान बैरिकेटिंग तोड़ आगे बढ़ तो पुलिस ने उनपर आंसू गैस के गोले छोड़े। लेकिन किसानों की ट्रैक्टर परेड में मौजूद कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर बरसाए। किसी की जान की परवाह किए बगैर ट्रैक्टरों को गोल-गोल घुमाकर जमकर हुडदंग किया। उपद्रवी यहीं नहीं रुके वो आगे बढ़े और दरियागंज होते हुए लालकिला पहुंच गए। वो लालकिला, जिस पर प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं। उस जगह पर किसानों ने अपना झंडा फहराया।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं का कहना है कि ट्रैक्टर परेड में शांति की अपील की गई है। कुछ लोग किसान के वेश में माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। बाकी लाखों किसान शांतिपूर्वक तरीके से मार्च निकाल रहे हैं। राकेश टिकैत ने लालकिला पर हुई हरकत पर कहा, ये कुछ ऐसे लोगों की शरारत है जो किसी पार्टी विशेष से जुड़े हैं।

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