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सुप्रीम लीडर खामनेई की शहादत के बाद पुरकाजी कस्बे में शोक संभा,

कस्बा पुरकाजी में रविवार को अज़ाखाना सैय्यद आफ़ताब हुसैन में ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर शहीद ए मोअज्जम अयातुल्लाह खामनेई की शहादत के उपलक्ष्य में एक मजलिस (शोक सभा) का आयोजन किया गया जिसमें खतीब ए अहलैबैत जनाब डा काज़िम रज़ा काज़मी ने खिताब किया। डा काज़िम ने बताया कि ये जंग हक़ और बातिल की जंग है अयातुल्लाह खामनाई ने हमेशा हक़ का साथ दिया और बातिल के ख़िलाफ़ संघर्ष करते रहे वो अपने राष्ट्र के निर्माण के लिए लड़ते हुए शहीद हो गए लेकिन उन्होंने विश्व की सुपरपावर समझे जाने वाले अमेरिका और इजरायल के सामने सिर नहीं झुकाया। अयातुल्लाह खामनाई कर्बला के शहीद इमाम हुसैन के सबसे बड़े पैरोकार थे, उन्होंने कहा था जब मैंने अल्लाह हु अकबर कह दिया तो दुनिया की कोई ताक़त अब मेरे सामने कोई मायने नहीं रखती, कुछ दिन पहले अयातुल्लाह खामनाई ने अपने एक संदेश में इमाम हुसैन का एक ऐतिहासिक जुमला “मेरे जैसा कभी तेरे जैसे की बैयत (संधी) नहीं कर सकता” कहा था और कहा था, मजलिस के दौरान आजादरों का रो रोकर बुरा हाल था, ऐसा लगता था कि अपने घर में ही किसी नौजवान की मौत हो गई हो, इस मजलिस में कस्बे के शिया समाज के सभी मर्द औरत और बच्चों के अलावा अन्य समाज के लोगों ने भी शिरकत की, मजलिस में मुख्य रूप से अली रज़ा, असगर मेहदी काज़मी, फैज़ अदिल, राशिद काज़ी,लखते हसनैन काजमी,हसन रज़ा, रईस जैदी, किश्वर जैदी, अनवर जैदी,कुमैल रज़ा, फहीम रज़ा, अदिल रज़ा, साक़िब काजमी, आमिर काजमी,मोनिस काजमी, यावर,क़ाजमी, मुनीर रज़ा, आसिम काजमी, अली शफात, ज़ैनुल जैदी, शाह रज़ा, मोहम्मद आज़म आदि बड़ी संख्या में मोमिनीन शामिल रहे।

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