गाजीपुर। सपा सांसद अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। गाजीपुर पुलिस ने छह दिनों के भीतर दूसरी बार उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस बार मामला शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी मूल पत्रावलियों और क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेजों के गायब होने से संबंधित है। मामले में तत्कालीन शस्त्र लिपिक प्रेमाशंकर वर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।पुलिस के मुताबिक, आईएस-191 मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े सदस्यों, सहयोगियों और मुख्तार अंसारी के परिजनों के शस्त्र लाइसेंस के आधार पर जारी हथियारों के कथित दुरुपयोग को लेकर जांच और कार्रवाई की जा रही है।जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस नंबर 1241/पी 11 से संबंधित मूल शस्त्र लाइसेंस पत्रावली और हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। पुलिस का आरोप है कि इन महत्वपूर्ण अभिलेखों को गायब कराया गया।एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा के अनुसार, मामले की जांच के आधार पर अफजाल अंसारी और तत्कालीन शस्त्र लिपिक प्रेमाशंकर वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।छह दिनों के भीतर दूसरी FIR दर्ज होने के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि संबंधित दस्तावेज किस परिस्थिति में गायब हुए और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।






