दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब विमान के कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक विवाद हो गया। फ्लाइट FZ1073 बोइंग 737 विमान से संचालित हो रही थी और इसमें बड़ी संख्या में इजराइली यात्री सवार थे। घटना के बाद विमान को अपना रास्ता बदलकर सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारना पड़ा। फ्लाईदुबई ने पुष्टि की है कि विमान सुरक्षित उतरा और सभी यात्री व क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।
कॉकपिट में क्या हुआ?
रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान दोनों पायलटों के बीच विवाद बढ़ गया। कुछ यात्रियों के हवाले से एक पायलट के घायल होने और कॉकपिट में चाकू जैसी वस्तु के इस्तेमाल की बात सामने आई है। हालांकि, इस घटनाक्रम की पूरी आधिकारिक तस्वीर अभी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। यात्रियों ने विमान के भीतर चीख-पुकार और अचानक पैदा हुई अफरा-तफरी की जानकारी दी है।
इसी दौरान विमान की ऊंचाई में भी अचानक बड़ा बदलाव दर्ज किया गया। रॉयटर्स के मुताबिक, फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा में विमान के लगभग 14 हजार फीट नीचे आने की जानकारी सामने आई है। इस बदलाव ने विमान में मौजूद यात्रियों और जमीन पर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी।
अचानक क्यों बढ़ा हाईजैक का खतरा?
विमान ने पहले अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी कोड 7700 प्रसारित किया। इसके बाद कुछ समय के लिए 7500 कोड प्रसारित हुआ, जिसे विमान के साथ अवैध हस्तक्षेप या संभावित हाईजैक की स्थिति से जोड़ा जाता है। इसी वजह से जमीन पर मौजूद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
इजराइल ने फाइटर जेट क्यों भेजे?
7500 जैसे संकेत मिलने के बाद इजराइल में संभावित विमान अपहरण की आशंका पैदा हुई। इसके बाद इजराइली वायुसेना ने लड़ाकू विमानों को सक्रिय किया और विमान की स्थिति पर नजर रखी। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सुरक्षा अधिकारियों के साथ मामले पर चर्चा की। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
विमान सऊदी अरब क्यों पहुंचा?
स्थिति बिगड़ने के बाद फ्लाइट को तेल अवीव की ओर आगे ले जाने के बजाय सऊदी अरब के ताबुक की तरफ मोड़ दिया गया। विमान वहां सुरक्षित उतर गया। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इजराइल और सऊदी अरब के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बावजूद आपात स्थिति में विमान को सऊदी एयरपोर्ट पर उतारा गया।
क्या यह हाईजैक था?
इस सवाल पर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में पायलट के विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की बात कही गई, जबकि रॉयटर्स के मुताबिक इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने इसे हाईजैक नहीं बताया और इसे विमान के भीतर हुआ एक अलग घटनाक्रम बताया। इसलिए इस समय घटना को निश्चित तौर पर हाईजैक कहना उचित नहीं होगा। मामले की जांच जारी है।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि विमान ताबुक में सुरक्षित उतर चुका है और फ्लाईदुबई के अनुसार सभी यात्री सुरक्षित हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कॉकपिट में विवाद की शुरुआत कैसे हुई, आपातकालीन संकेत क्यों भेजे गए और विमान की ऊंचाई में अचानक इतनी बड़ी गिरावट किस वजह से हुई।





