योजनाओं की जानकारी और जनहित की खबरों के लिए संपर्क करना भी बना चुनौती
(रिपोर्ट- नेहाल अख्तर)
(Express news bharat)
(जिला संवाददता बलिया)
बलिया। जिले में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग से जुड़ी सरकारी योजनाओं, व्यवस्थाओं तथा जनहित के मुद्दों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पत्रकारों द्वारा संबंधित अधिकारियों से आधिकारिक मोबाइल एवं सरकारी दूरभाष नंबरों पर संपर्क किया जाता है। लेकिन आरोप है कि कई जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी सरकारी नंबर पर फोन रिसीव करने तक की जहमत नहीं उठा रहे हैं।
राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के बलिया जिला उपाध्यक्ष नेहाल अख्तर व राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पिंटू सिंह ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय का ध्यान आकृष्ट कराया है। उनका कहना है कि पत्रकारों का उद्देश्य किसी अधिकारी को परेशान करना नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं, विभागीय कार्यों और जनसमस्याओं से जुड़ी सही एवं प्रमाणिक जानकारी जनता तक पहुंचाना है। इसके लिए संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष जानना आवश्यक होता है स्वास्थ्य एवं बेसिक शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करने के लिए कई बार सरकारी नंबरों पर संपर्क किए जाने के बावजूद फोन रिसीव नहीं होने से समाचारों में विभाग का पक्ष शामिल करना कठिन हो जाता है। इससे पारदर्शिता और सूचना के आदान-प्रदान को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। पिंटू सिंह ने मुख्यमंत्री कार्यालय से मांग की है कि सरकारी दूरभाष नंबरों के संचालन तथा अधिकारियों की जनसुनवाई एवं मीडिया से संवाद की व्यवस्था की समीक्षा कराई जाए। यदि किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी द्वारा सरकारी संपर्क नंबर का नियमित रूप से उपयोग न किए जाने अथवा शासन की मंशा के अनुरूप जनसंपर्क एवं जनसेवा में लापरवाही बरतने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार तभी प्रभावी ढंग से हो सकता है, जब विभागीय अधिकारी जनता और मीडिया के सवालों का जवाब देने के लिए उपलब्ध रहें। राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के बलिया जिला उपाध्यक्ष नेहाल अख्तर ने बताया कि पत्रकारों को किसी भी खबर में संबंधित विभाग का पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए, ताकि समाचार एकतरफा न होकर तथ्यपरक और विश्वसनीय हो उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी अनुरोध किया कि बलिया जनपद में लंबे समय से तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, जनसुनवाई तथा सरकारी संपर्क माध्यमों की उपलब्धता की समीक्षा कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो शासन स्तर से नियमानुसार कार्रवाई की जाए जनहित में सवाल यह है कि जब सरकारी नंबर जनता और मीडिया से संवाद के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं, तो उन पर आने वाली महत्वपूर्ण कॉल का जवाब कौन देगा? स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सीधे जनजीवन से जुड़े विभागों में सूचना का समय पर आदान-प्रदान बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।






