हरिद्वार से सामने आए एक संवेदनशील मामले में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका ने प्रशासन को बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। पेपर कथित रूप से परीक्षा केंद्र से बाहर भेजे जाने की जानकारी मिलने पर पुलिस विभाग और शिक्षा महकमे में हलचल मच गई।
परीक्षा केंद्र — आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादरपुर जट — में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी, सब इंस्पेक्टर रोहित कुमार और कांस्टेबल ब्रह्मदत्त जोशी, को एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके साथ ही, असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को भी सस्पेंड किया गया है, जो परीक्षा से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा थीं।
तीनों पर आरोप है कि इन्होंने परीक्षा जैसे संवेदनशील मौके पर लापरवाही और असावधानी बरती, जो कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता था। एसएसपी डोबाल ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए साफ कहा, “इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा में लगे लोग अगर जिम्मेदारी से काम नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
मामले की जांच की ज़िम्मेदारी सीओ रुड़की नरेन्द्र पंत को सौंपी गई है, जिन्हें एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
यह घटना सिर्फ एक निलंबन की खबर नहीं है — यह एक चेतावनी है कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में ज़रा सी चूक भी कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है। उम्मीद है कि यह कार्रवाई आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।






