Home / Updates / सोनम वांगचुक ने सरकार को दी चेतावनी मुझे जेल भेजा तो और बढ़ेगी….

सोनम वांगचुक ने सरकार को दी चेतावनी मुझे जेल भेजा तो और बढ़ेगी….

लद्दाख में हिंसा की आग अब सियासत तक पहुंच चुकी है। इसी बीच जलवायु कार्यकर्ता और सामाजिक नेता सोनम वांगचुक ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने न सिर्फ गृह मंत्रालय के आरोपों को सिरे से खारिज किया, बल्कि चेतावनी दी कि यदि उन्हें जेल भेजा गया, तो सरकार को उनकी आज़ादी से ज़्यादा मुश्किलें जेल में बंद सोनम वांगचुक से होंगी। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब लेह में हुई हिंसा ने पूरे लद्दाख को झकझोर कर रख दिया है।

वांगचुक का आरोप है कि सरकार असली मुद्दों को सुलझाने के बजाय दोष मढ़ने की राजनीति कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है, जबकि हिंसा की असली वजह युवाओं की गहरी नाराज़गी, बेरोजगारी और अधूरी मांगें हैं, जो वर्षों से दबाई जा रही हैं। उनके मुताबिक, सरकार दिखावे के लिए आरक्षण की बात कर रही है, लेकिन राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक संरक्षण जैसी मूलभूत मांगों को अब भी नजरअंदाज किया जा रहा है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वांगचुक ने यह दावा किया कि उन्हें PSA (जन सुरक्षा कानून) के तहत दो साल के लिए जेल भेजने की तैयारी चल रही है। उनका कहना है कि वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन सरकार को यह समझना चाहिए कि जेल में बैठा वांगचुक बाहर के वांगचुक से कहीं ज्यादा परेशानी का कारण बन सकता है। यह बयान सिर्फ आत्मविश्वास नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी जैसा है।

इससे पहले, गृह मंत्रालय ने एक बयान में सोनम वांगचुक और कुछ अन्य नेताओं पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे राजनीतिक रूप से प्रेरित तत्वों के भड़काऊ बयानों ने माहौल को बिगाड़ा। साथ ही सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो वायरल न करने की चेतावनी भी जारी की गई। वहीं, उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने हिंसा को सुनियोजित साजिश बताया और साफ कहा कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

हिंसा की बात करें तो बुधवार को लद्दाख में अब तक की सबसे बड़ी झड़पें देखने को मिलीं। राज्य के दर्जे की मांग को लेकर लेह में निकले प्रदर्शन हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय और हिल काउंसिल पर हमला किया, वाहनों में आग लगाई और सड़कों पर जमकर तोड़फोड़ की। इस घटना में अब तक चार लोगों की मौत, 80 से ज्यादा लोग घायल और करीब 40 पुलिसकर्मी जख्मी हो चुके हैं। हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को पूरे लेह जिले में कर्फ्यू लागू करना पड़ा और सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

इस बीच, केंद्र सरकार ने बताया है कि लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के साथ बातचीत जारी है। उच्च स्तरीय समितियों की बैठकें 25 और 26 सितंबर को आयोजित होंगी और अगली बड़ी बैठक 6 अक्टूबर को तय की गई है।

इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि लद्दाख सिर्फ भौगोलिक रूप से ही नहीं, राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी उबाल पर है। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी यदि होती है, तो वह सिर्फ एक व्यक्ति की बंदी नहीं होगी, बल्कि एक पूरे आंदोलन की अग्निपरीक्षा बन सकती है।

Tagged:
[post-views]
Share
Now