उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी पाने वाले 22 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है।
जिन्होंने वर्षों तक बच्चों को पढ़ाया, अब उनकी असलियत सामने आने के बाद न सिर्फ़ नौकरी गई बल्कि उनके खिलाफ़ FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

विभाग का आदेश है कि इन शिक्षकों से अब तक मिली हुई पूरी तनख्वाह और भत्ते भी वापस लिए जाएंगे। यानी, जितना पैसा उन्होंने फर्जी तरीके से कमाया, वो लौटाना ही होगा।
सूत्रों के मुताबिक, इन शिक्षकों ने बीएड और टीईटी जैसी परीक्षाओं में जाली डिग्री और दस्तावेज़ लगाकर नौकरी हासिल की थी। शिकायतों के आधार पर जांच बैठाई गई और सत्यापन के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस तरह का कदम अन्य फर्जी डिग्री वालों के लिए कड़ा संदेश है। अब किसी भी स्तर पर धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिलों में हड़कंप मचा हुआ है और विभाग ने बाकी नियुक्तियों की भी जांच तेज कर दी है।






