दिल्ली में एक मासूम की जान उस वक्त खतरे में पड़ गई, जब उसने खेलते-खेलते 5 और 10 रुपये के तीन सिक्के निगल लिए। बच्चे को समझ ही नहीं आया कि ये खेल कितनी खतरनाक सच्चाई में बदल जाएगा। कुछ ही देर में उसे खाना-पीना मुश्किल होने लगा। परिजनों ने घबराहट में केला खिलाने की कोशिश की, लेकिन सिक्के टस से मस नहीं हुए।हालत बिगड़ती देख परिवार ने तुरंत 12 साल के इस बच्चे को रोहिणी के डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। एक्स-रे रिपोर्ट में सामने आया कि तीनों सिक्के सीधे खाने की नली में फंसे हुए हैं। ज़रा सी देर होती, तो मामला जानलेवा हो सकता था।
डॉ. पंकज कुमार और उनकी टीम ने बिना वक्त गंवाए बच्चे को ऑपरेशन थियेटर में ले जाकर एसोफैगोस्कोपी नाम की प्रक्रिया से उसकी जान बचाई। एनेस्थीसिया देने के बाद एक पतली ट्यूब के ज़रिए सिक्के सावधानी से बाहर निकाले गए—जिसमें दो 5 रुपये और एक 10 रुपये का सिक्का था।खुशी की बात ये है कि अब बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ है, और उसने फिर से खाना-पीना भी शुरू कर दिया है। इस जटिल लेकिन सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में डॉ. अजय गुप्ता, डॉ. दिव्यांशु और डॉ. सरवनन भी शामिल रहे।ये घटना हमें याद दिलाती है कि बच्चों की छोटी सी लापरवाही भी बड़ा खतरा बन सकती है, लेकिन समय पर इलाज और डॉक्टरों की सूझबूझ से एक मासूम की जिंदगी बचाई जा सकी।






