महाराष्ट्र की Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana के ज़रिए कुल 14,298 पुरुषों ने महिलाओं की तरह अपना नाम दर्ज कराया और इससे ₹21.44 करोड़ की धनराशि हासिल कर ली गई है। 279-0 साथ ही, जांच में यह भी खुलासा हुआ कि करीब 26.3 लाख लाभार्थी (महिरनों के नाम पर दर्ज) असल में अयोग्य पाए गए, जिनके पते पर भुगतान को स्थगित कर दिया गया है। विवरण की एक झलक:1. 14 हजार पुरुषों का धोखाधड़ी477-0 कुल 14,298 पुरुषों ने मासिक ₹1,500 के लाभ को 10 महीनों तक अवैध रूप से प्राप्त किया, जिससे कुल नुकसान हुआ लगभग ₹21.44 करोड़। 2. 26 लाख से अधिक फर्जी लाभार्थी712-0 महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे के अनुसार 26.3 लाख लाभार्थी पात्रता की कसौटी पर फिट नहीं पाए गए। इनके खातों को जून 2025 से बंद कर दिया गया है, और अब जिला कलेक्टर इस पर पुनः समीक्षा कर रहे हैं। 3. अन्य अपात्र लाभार्थियों पर भी प्रतिबंध994-0 जांच से यह भी उजागर हुआ कि कुछ परिवार के 3+ सदस्यों को लाभ मिल रहा था (जबकी नियम दो महिलाओं तक सीमित करता है) और वरिष्ठ महिलाओं (65+) आदि ने भी बेनिफिट उठाया, जिससे ₹1,640 करोड़ से अधिक का संभावित नुकसान हुआ। खाता बंदी की कार्रवाई जारी है। सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई:(Sharad Pawar गुट) की नेता सुप्रिया सुले ने CBI जांच की मांग की, जबकि डी.सी.एम. अजित पवार ने स्वीकार किया कि सरकार मामले की गंभीरता से तफ्तीश कर रही है, और वसूली व दंडात्मक कार्रवाई की बात कही है। सरकार अब इनकम टैक्स डेटा का इस्तेमाल कर लाभार्थियों की योग्यता दोबारा जांच रही है।






