अमेरिका में “रूस पर प्रतिबंध लगाने का अधिनियम 2025” नामक कड़ा प्रतिबंध कानून बनाया जा रहा है, जो रूस के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाएगा. इसके तहत रूस से ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी तक अमेरिकी टैरिफ लगाने का प्रावधान है. भारत, जो यूक्रेन युद्ध के बाद रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीद रहा है, इस कानून से प्रभावित हो सकता है.
आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में और कड़वाहट आ सकती है. अमेरिका ऐसे बिल संसद में पेश करने के क़रीब है जिसके तहत रूस से तेल खरीदना भारत के लिए महंगा सौदा साबित हो सकता है. अगर ये बिल पास हो जाता है तो भारत पर 500 फीसदी टैरिफ़ लग सकता है. अमेरिका का यह कदम रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में लिया जा रहा है.
अमेरिका में रूस के खिलाफ एक नया और सख्त प्रतिबंध कानून की तैयारी जोरों पर है. यह द्विदलीय बिल, जिसका नाम “रूस पर प्रतिबंध लगाने का अधिनियम 2025” है, यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया है.
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के बाद संयुक्त रूप से तैयार किया है और व्हाइट हाउस से इसकी मंजूरी भी मिल गई है.






