पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित एक मस्जिद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि “राज्य में किसी भी तरह की बाबरी जैसी संरचना बनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”राज्यपाल का यह बयान स्थानीय प्रशासन और सरकार के फैसलों पर सवाल उठाते हुए आया है। बोस ने कहा कि उन्हें मुर्शिदाबाद के कुछ इलाकों में विवादित निर्माण की जानकारी मिली है, जिसे लेकर वह बेहद गंभीर हैं।राज्यपाल के अनुसार, प्रशासन को पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि किसी भी धार्मिक स्थल का निर्माण कानून, भूमि रिकॉर्ड और सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर ही होना चाहिए। बोस ने चेतावनी देते हुए कहा—“अगर कानून तोड़कर कोई निर्माण हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।”इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने राज्यपाल के इस बयान को राजनीति से प्रेरित बताया, जबकि विपक्ष ने इसे “ज़रूरी हस्तक्षेप” करार दिया।इधर, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति न बने।राज्यपाल के बयान के बाद इस मुद्दे पर नई बहस छिड़ गई है कि क्या यह मामला राजनीतिक टकराव का नया अध्याय बनेगा या प्रशासनिक कार्रवाई से शांत हो जाएगा।






